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अपमान नहीं झेल पाया डिलीवरी बॉय समीर, जहर खाया; 15 दिन बाद मौत

दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर में 10 रुपये की नोट को लेकर डिलीवरी बॉय समीर हुसैन को अपमानित किया गया था। घटना के बाद समीर ने जहरीला पदार्थ खा लिया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

Delhi News

मृतक समीर हुसैन। (Photo Credit: Social Media)

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राजधानी दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर में फटे नोट के विवाद ने डिलीवरी बॉय समीर हुसैन की जान ले ली। बताया जा रहा है कि कथित मारपीट के बाद समीर ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। 5 अक्टूबर को उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां 20 अक्टूबर को उसकी जान चली गई।

 

पुलिस ने घटना के अगले दिन यानी 5 अक्टूबर को मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) तैयार कर FIR दर्ज की थी। समीर की मौत के बाद पुलिस ने BNS की धारा 108 भी जोड़ दी है। यह धारा आत्महत्या के लिए उकसाने या मजबूर करने के मामलों में लगाई जाती है।

 

इससे पहले 4 अक्टूबर की रात समीर हुसैन ईस्ट विनोद नगर में डिलीवरी देने गए थे। समीर ने बताया था कि 10 रुपये के फटे नोट को लेकर ग्राहक और उसके बीच विवाद हो गया। ग्राहक के रूप में वहां दो लोग थे, राकेश उर्फ बंटी (30) और रामपाल सिंह (65)। आरोप है कि राकेश ने समीर को तीन थप्पड़ मारे, जबकि रामपाल सिंह ने उसे गालियां दीं। समीर ने बताया कि मिडिल क्लास का कहकर उसका मजाक भी उड़ाया गया। उसी रात करीब 11 बजे समीर ने PCR को फोन कर खुद पर हमला होने की जानकारी दी। पुलिस ने राकेश और रामपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

 

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फटा हुआ नोट न लेने पर पीटा गया

पूरा विवाद 10 रुपये के फटे नोट से शुरू हुआ था। ग्राहक समीर को 10 रुपये का फटा नोट दे रहा था। समीर ने यह नोट लेने से इनकार कर दिया। इस बात पर पहले तू-तू, मैं-मैं हुई और फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया। समीर को थप्पड़ मारे गए और अपमानित किया गया। समीर ने मारपीट की जानकारी खुद पुलिस को दी। इसके बाद देर रात समीर का मेडिको-लीगल केस (MLC) तैयार किया गया। बाद में समीर ने पूरी घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्ड कर अपना पक्ष रखा था।

खुद को बताया था मेहनती

समीर ने बताया था कि वह बहुत मेहनती है। उसने कहा, ‘लाइफ में आर्थिक और मानसिक रूप से जो सिचुएशन चल रही है, उस पर यह बताना चाहता हूं कि मैं बहुत मेहनत करता हूं। मेरे पास कोई गाड़ी नहीं है और मैं साइकिल से डिलीवरी करता हूं। मेरे व्यवहार के मुताबिक मैं बहुत अच्छा हूं। लाइफ में संघर्ष करता हूं, ज्यादा किसी से मतलब नहीं रखता हूं।’

 

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पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस को जब सूचना मिली कि समीर ने जहरीला पदार्थ खा लिया है तो वह तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके करीब 15 दिन बाद यानी 20 अक्टूबर को समीर हुसैन की मौत हो गई। आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी धारा लगने के बाद पुलिस मामले की और गंभीरता से जांच कर रही है।


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