बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव को फोन पर एक शख्स ने धमकी दी थी, जिससे प्रशासनिक और सुरक्षा महकमे में हलचल मच गई। अज्ञात व्यक्ति ने पार्सल डिलीवरी का बहाना बनाकर उपमुख्यमंत्री से बातचीत शुरू की थी। जब विजेंद्र प्रसाद यादव ने किसी भी प्रकार की बुकिंग से इनकार किया, तो कॉलर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। इतना ही नहीं, उसने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
घटना के बाद उपमुख्यमंत्री ने तत्काल अपने आप्त सचिव को बुलाकर मामले की जानकारी दी और कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान करने का निर्देश दिया। देखते ही देखते सुरक्षा अधिकारियों और प्रशासनिक कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। उपमुख्यमंत्री के आप्त सचिव की शिकायत पर पटना के साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कराया गया है। यह मामला राज्य के उपमुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने इसे बेहद संवेदनशील मानते हुए जांच तेज कर दी है।
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पार्सल बुक है कहकर शुरू हुई बातचीत
प्राथमिकी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने दावा किया कि उनके नाम से एक पार्सल बुक किया गया है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार का कोई पार्सल या सामान बुक नहीं कराया है।
बताया जाता है कि जैसे ही उन्होंने पार्सल लेने से इनकार किया, कॉलर का व्यवहार अचानक बदल गया। वह लगातार उलूल-जुलूल बातें करने लगा और फिर अपशब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता पर उतर आया। उपमुख्यमंत्री द्वारा बार-बार बुकिंग से इनकार किए जाने के बावजूद वह व्यक्ति गुस्सा हो गया और धमकी देने लगा।
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साइबर पुलिस खंगाल रही कॉल डिटेल्स
साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच कर रही है, जिसमें कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्विलांस टीम आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। जल्द ही कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
उपमुख्यमंत्री को सीधे फोन कर धमकी दिए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती तौर पर यह मामला साइबर ठगी, फर्जी कॉल या सुनियोजित धमकी से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस अज्ञात कॉलर तक पहुंचना है, जिसने पार्सल के बहाने बिहार के उपमुख्यमंत्री को निशाना बनाने की कोशिश की थी।