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एग एक्सट्रैक्शन रैकेट पर ED का बड़ा एक्शन, अस्पताल और IVF सेंटर पर छापे

प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध ह्यूमन एग एक्सट्रैक्शन रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के ठाणे, बारामती और नासिक में 10 ठिकानों पर छापेमारी की है।

Enforcement Directorate IVF रैकेट

ED मुंबई ऑफिस, Photo Credit: Social Media

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध ह्यूमन एग एक्सट्रैक्शन रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के ठाणे, बारामती और नासिक में 10 ठिकानों पर छापेमारी की है। 16 अक्टूबर 2026 को की गई इस कार्रवाई में अस्पतालों और IVF सेंटरों को शामिल किया गया। ED के मुंबई जोनल ऑफिस ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला कथित तौर पर मंजुषा वानखेड़े और 16 अन्य लोगों से जुड़े अवैध ह्यूमन एग एक्सट्रैक्शन नेटवर्क से संबंधित है।

 

ED ने यह जांच ठाणे के बदलापुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR और उसके बाद दाखिल चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी। मामले में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों के साथ-साथ असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के कथित उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है।

 

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क्या है पूरा मामला?

ED की जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, इस नेटवर्क में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को मानव अंडाणु यानी एग दान के लिए भर्ती किया जाता था। इसके बाद उनके अंडाणु IVF सेंटरों और असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) बैंकों तक पहुंचाए जाते थे। आरोप है कि महिलाओं को इसके बदले आर्थिक भुगतान किया जाता था और इस पूरी प्रक्रिया में शामिल एजेंटों को भी कमीशन मिलता था।

महिलाओं के स्वास्थय को खतरा

ED के मुताबिक, जांच के दौरान आधार कार्ड, हलफनामे, सहमति पत्र, जन्म प्रमाणपत्र, पैन कार्ड, ब्लड टेस्ट रिपोर्ट और बीमा से जुड़े दस्तावेजों में कथित हेरफेर के संकेत मिले हैं। एजेंसी को आशंका है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए अंडाणु दान करने वाली महिलाओं की पहचान और मेडिकल फिटनेस से जुड़ी जानकारी को छिपाया जाता था। महिलाओं को महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के विभिन्न संस्थानों में अंडाणु निकालने की प्रक्रिया के लिए भेजे जाने का भी आरोप है, जिससे उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोखिम पैदा हो सकता था।

 

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छापे में क्या मिला?

छापेमारी के दौरान ED ने 29 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। इसके अलावा, बैंक लॉकर और म्यूचुअल फंड निवेश फ्रीज किए गए हैं। जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े अहम दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं। साथ ही, कई अचल संपत्तियों और बड़े निवेश से संबंधित जानकारियां भी सामने आई हैं। ED ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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