logo

ट्रेंडिंग:

SIR में लापरवाही? चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अफसरों को सस्पेंड किया

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने 7 अधिकारियों को निलंबित किया है। चुनाव आयोग का कहना है कि इन अधिकारियों ने लापरवाही से काम किया है।

West Bengal SIR

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट की जांच करते अधिकारी। Photo Credit: PTI

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 सरकारी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर चुनाव संबंधी कार्यों में गंभीर लापरवाही, ड्यूटी में कोताही और अपनी शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप लगा है। इन अधिकारियों को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

चुनाव आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदनी चक्रवर्ती को पत्र लिखकर इन सभी के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिन अधिकारियों पर यह गाज गिरी है, वे अलग-अलग जिलों में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) के तौर पर तैनात थे। 

यह भी पढ़ें: SIR के बहाने BLO ने प्रेमिका के पति को बुलाया, टुकड़ों में काटकर नहर में फेंका 

किन जिलों के अधिकारी नपे?

चुनाव आयोग ने जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, उनमें तीन अधिकारी मुर्शिदाबाद जिले के हैं। डॉ. सेफौर रहमान (शमशेरगंज), नीतीश दास (फरक्का) और एसके मुर्शिद आलम (सूती) को निलंबित  कर दिया गया है। इसके अलावा दक्षिण 24 परगना से सत्यजीत दास और जयदीप कुंडू, पश्चिम मेदिनीपुर से देबाशीष बिस्वास और जलपाईगुड़ी से डालिया राय चौधरी को निलंबित किया गया है।

चुनाव आयोग ने क्यों लिया है यह फैसला?

चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार से इन अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी गई है।

 

यह भी पढ़ें: असम में SIR के बाद बदली तस्वीर, नई मतदाता सूची जारी; हटाए गए लाखों नाम

अधिकारियों के खिलाफ आरोप क्या हैं?

अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों की जांच में गंभीर अनियमितताएं, मनमानी और चुनाव कानूनों के उल्लंघन सिद्ध होने के आरोप हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब SIR की सुनवाई पूरी हो चुकी है और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 28 फरवरी 2026 को होने वाला है।

 

यह भी पढ़ें: बंगाल SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- काम में बाधा बर्दाश्त नहीं

किस अधिकार के तहत चुनाव आयोग यह कार्रवाई की है?

चुनाव आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत यह कार्रवाई की है। निलंबित अधिकारियों में ज्यादातर असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफीसर (AERO) और असिस्टेंट रजिस्ट्रेशन ऑफीसर (ARO) हैं।


और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap