पश्चिम बंगाल में एक बीएलओ और उसके सहयोगी पर कथित तौर पर एक व्यक्ति की हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि जिस व्यक्ति की हत्या की गई, उसकी पत्नी के साथ आरोपी अधिकारी के संबंध थे।
पुलिस के अनुसार शनिवार को आरोपी रिजवान हसन मंडल और उसके साथी सागर गाइने ने 30 साल के नासिर अली की हत्या कर दी। आरोप है कि हत्या के बाद शव के कई टुकड़े कर नहर में फेक दिया। इस घटना से इलाके में आक्रोश फैल गया और लोगों ने सड़क जाम कर न्याय की मांग की। हालांकि पुलिस ने समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया।
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कैसे की गई हत्या?
पुलिस के मुताबिक आरोपी रिजवान हसन मंडल ने पहले अपनी प्रेमिका के पति नासिर अली को फोन किया। उसने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) से जुड़े काम के बहाने सुनसान जगह पहुंचाया। वहां दोनों आरोपियों ने मिलकर नासिर अली की हत्या कर दी। हत्या के बाद रिजवान ने अपने सहयोगी सागर गाइने के साथ मिलकर शव के टुकड़े किए और नहर में फेंक दिया।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
नासिर अली के परिवार ने पहले उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और नासिर के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की। जांच में पता चला कि नासिर की आखिरी बार बातचीत बीएलओ से हुई थी।
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इसके बाद पुलिस ने रिजवान मंडल के कॉल रिकॉर्ड और गतिविधियों पर नजर रखी। शुक्रवार को पुलिस ने नहर से नासिर अली के शव के कुछ अंग बरामद किए। पूछताछ में सामने आया कि हत्या रिजवान ने की, जबकि सागर गाइने ने शव को ठिकाने लगाने में उसकी मदद की। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि 'शुरुआती जांच में पता चला है कि रिजवान मंडल का मृतक की पत्नी के साथ विवाहेत्तर संबंध था।