दिल्ली में आम आदमी पार्टी की नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष आतिशी के सिख गुरुओं पर दिए गए एक कथित बयान को लेकर पंजाब में हंगामा बरपा है। अमृतसर में AAP के प्रवक्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा है कि गलत संदर्भ के साथ भारतीय जनता पार्टी, आतिशी का वीडियो वायरल कर रही है।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शनिवार को कहा कि बीजेपी ने गलत राजनीति करते हुए गुरु साहिबानों को भी राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी का एक फेक वीडियो, एडिट करके सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है, जिससे सिख समुदाय की भावनाएं, आम आदमी पार्टी के खिलाफ भड़काई जा सकें।
दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत की बरसी पर एक खास चर्चा हुई थी। उसके बाद दिल्ली में विपक्ष की नेता आतिशी ने प्रदूषण पर बहस के दौरान कुछ बातें कहीं। कुछ लोगों ने एक छोटा-सा वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उसमें कैप्शन और एडिटिंग करके यह दिखाया गया कि आतिशी ने सिख गुरुओं के बारे में बेअदबी की बातें कहीं हैं।
बीजेपी ने क्या कहा?
बीजेपी के नेताओं ने आतिशी के बयान की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि आतिशी की भाषा गलत है और शर्मनाक है। दिल्ली विधानसभा में इस बयान को लेकर हंगामा बरपा। बीजेपी विधायकों ने आतिशी को बर्खास्त तक करने की मांग उठाई, उनकी सदस्यता तक रद्द करने की मांग की। शिरोमणि अकाली दल और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी शिकायत दर्ज कराई।
पंजाब की जालंधर पुलिस ने वीडियो की जांच की। शिकायतकर्ता इकबाल सिंह की शिकायत पर इस वीडियो को पुलिस ने फॉरेंसिक लैब में भेजा था। फॉरेंसिक रिपोर्ट में शुक्रवार को यह पता चला कि आतिशी ने वीडियो में गुरु शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था। वीडियो को जानबूझकर एडिट किया गया था। कैप्शन डालकर ऐसी बातें जोड़ी गईं जो आतिशी ने कभी नहीं कहीं।
जालंधर पुलिस ने दर्ज की है FIR
जालंधर पुलिस ने साइबर सेल में FIR दर्ज कर ली है। यह एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ है, जिन्होंने ये फर्जी, एडिटेड वीडियो अपलोड और शेयर किया है। वीडियो कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया अकाउंट से लिया गया था, लेकिन अभी उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है।
आतिशी और AAP का कहना है कि यह वीडियो फेक है। AAP का कहना है कि बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस ने सिख गुरुओं का नाम गंदी राजनीति में घसीटा है। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि इन राजनीतिक दलों को सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।