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सिजोफ्रेनिया से पीड़ित था बेटा, पिता ने मारकर कंटेरनर में डाल दिया

दिल्ली में एक पिता ने सिजोफ्रेनिया से पीड़ित अपने 38 साल के बीमार बेटे को डॉक्टर के बहाने वीरान कंटेनर में बुलाया और साथी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।

Delhi Police warns in Gen-Z language said Dear Kuchu Puchu

दिल्ली पुलिस, Photo Credit: ANI

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दिल्ली के कालंदी कुंज इलाके में एक पिता ने अपने ही 38 साल के बीमार बेटे को मार डाला। बेटा दिमाग से बीमार था और उसे सिजोफ्रेनिया नाम की बीमारी थी। पिता अपने बेटे की इस बीमारी से परेशान था और उसने डॉक्टर के पास ले जाने के बहाने उसे एक वीरान शिपिंग कंटेनर में बुलाया जहां अपने साथी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी गई।

 

यह मामला 23 अगस्त की सुबह करीब 7:13 बजे सामने आया जब पुलिस को कालंदी कुंज इलाके में एक आदमी की लाश मिलने की सूचना मिली। यह लाश नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन की दीवार के पास पूर्व दिशा में एक पुराने और खाली शिपिंग कंटेनर के अंदर खून से सनी हुई हालत में पड़ी थी। स्थानीय लोग इस कंटेनर को बबलू का कंटेनर कहते थे। यह जगह दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से करीब 500 मीटर की दूरी पर एक अवैध बस्ती के पास थी और यह कंटेनर पिछले कई सालों से सुनसान पड़ा हुआ था जहां कोई आता जाता नहीं था।

 

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किन लोगों ने की उसकी हत्या?

इस घटना में मारे गए बेटे का नाम गुल हसन था जिसकी उम्र 38 साल थी और वह मानसिक रूप से बीमार होने के साथ साथ सिजोफ्रेनिया से पीड़ित था। इस हत्या का मुख्य आरोपी उसका पिता तलुकदार अंसारी है जिसकी उम्र 64 साल है। इस काम में उसका साथ देने वाले दूसरे आरोपी का नाम मोहम्मद वसीम उर्फ अकरम है जिसकी उम्र 49 साल है जो इस पूरी प्लानिंग में पिता का साथी था। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को दक्षिण दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके की एक स्टिचिंग फैक्ट्री से पकड़ा है।

कैसे की गई हत्या?

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पिता तलुकदार अंसारी अपने बेटे की मानसिक हालत से परेशान था और उसने अपने साथी वसीम के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। पिता ने अपने बीमार बेटे गुल हसन से कहा कि वे दोनों डॉक्टर के पास जा रहे हैं और उसे उस सुनसान शिपिंग कंटेनर के पास ले गए। कंटेनर के अंदर वसीम ने एक भारी पत्थर से गुल हसन के सिर पर वार किया जिससे उसकी बाएं कनपटी और सिर पर गंभीर चोट आई।

 

इसके बाद पिता अंसारी ने भी उस पर वार किए। इसके बाद आरोपियों ने पुराने कपड़ों से एक रस्सी बनाकर उसका गला घोंट दिया। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से 70 रुपये नकद और थोड़ा तंबाकू मिला जबकि घटनास्थल से खून से सना पत्थर और कपड़े की रस्सी बरामद की गई। डॉक्टरों के अनुसार लाश मिलने से करीब 24 घंटे पहले यह हत्या की गई थी।

पुलिस की चार विशेष टीमें

शुरुआत में यह मामला पुलिस के लिए एक ऐसी पहेली था जिसका कोई सुराख नहीं मिल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी सरिता विहार अनिल कुमार शर्मा के नेतृत्व में 4 विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज से साफ हुआ कि गुल हसन दो दूसरे लोगों के साथ उस कंटेनर की तरफ गया था लेकिन वे दोनों संदिग्ध लोग बाद में अकेले वापस लौटे। इसी सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस उन आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गोविंदपुरी की फैक्ट्री से गिरफ्तार कर लिया।

 

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पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खून से सने कपड़े, हत्या में इस्तेमाल पत्थर और रस्सी जब्त कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि इस हत्या के पीछे और क्या क्या बातें थीं। इसके अलावा पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक तथा तकनीकी साक्ष्यों के अंतिम नतीजों का इंतजार कर रही है ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ मजबूत सबूत पेश किए जा सकें।


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