उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के जानीखुर्द क्षेत्र के किठौली गांव में खूंखार आवारा कुत्तों के झुंड ने 60 वर्षीय किसान लख्मी सैनी पर हमला कर उनकी जान ले ली। रोज की तरह खेत में काम करने गए किसान पर कुत्तों ने हमला किया और उन्हें बुरी तरह नोच डाला। दोपहर तक घर नहीं लौटने पर पोता ईशांत उन्हें तलाशते हुए खेत पहुंचा तो कुत्तों के झुंड के बीच दादा को पड़ा देखकर चीख उठा। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
लख्मी सैनी सुबह हाथ में दरांती लेकर गन्ने की फसल की बंधाई के लिए खेत निकले थे। घर से निकलते समय बेटे जितेंद्र ने उनसे जल्दी लौटने को कहा था। परिवार में पोते ईशांत के कांवड़ लेकर घर पहुंचने की खुशी भी थी। लख्मी ने दोपहर तक लौटने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद वह घर वापस नहीं आ सके। दोपहर करीब 2 बजे तक लख्मी के घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो गए। इसी दौरान कांवड़ लेकर घर पहुंचे ईशांत ने दादा को खेत से लाने की बात कही। वह रास्ते में दादा को आवाज लगाता हुआ खेत की ओर बढ़ा। खेत के पास पहुंचते ही उसे कुत्तों का झुंड दिखाई दिया। ईशांत ने पास जाकर देखा तो लख्मी सैनी खेत में पड़े थे और कुत्ते उनके आसपास मौजूद थे। खौफनाक मंजर देखकर ईशांत चीखते हुए गांव की तरफ भागा।
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लाठी-डंडे लेकर पहुंचे ग्रामीण
ईशांत की चीख सुनकर परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर खेत पहुंचे। ग्रामीणों ने कुत्तों को वहां से भगाया लेकिन तब तक लख्मी सैनी की मौत हो चुकी थी। किसान की मौत की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि किठौली और आसपास के इलाकों में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक है। गांव की गलियों, रास्तों और खेतों में कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, सिसौला गांव में कुत्तों के हमले में एक महिला की मौत हो चुकी है, जबकि किठौली में करीब तीन साल के बच्चे की भी जान जा चुकी है।
शव उठाने से किया इनकार
किसान की मौत के बाद ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और शव उठाने से रोक दिया। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने, मृतक किसान के परिवार को आर्थिक सहायता देने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
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हंगामे की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं। अधिकारियों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने और उनकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और परिवार में मातम पसरा हुआ है।