अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के बाद मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के चढ़ावे को लेकर सीबीआई जांच की मांग उठाने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास समिति अध्यक्ष दिनेश फलाहारी खुद मुश्किल में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने बुधवार को यूपी के सीएम योही आदित्यनाथ को खून से एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए थे। यह पत्र लिखना उन्हें भारी पड़ गया है और अब उनके खिलाफ FIR दर्ज हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह FIR श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने फलाहारी महाराज के खिलाफ करवाई है। संस्थान ने गोविंद नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है और फलाहारी महाराज पर धोखाधड़ी, उगाही और संस्थान की छवि खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
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शिकायत में क्या बताया?
श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के उप प्रबंधक अनुराग पाठक ने गोविंद नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि दिनेश शर्मा, जिन्हें दिनेश फलाहारी महाराज या फलाहारी बाबा के नाम से भी जाना जाता है, कई धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रहे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास नाम से एक ट्रस्ट बनाया, जिसका नाम पहले से मौजूद जन्मस्थान से जुड़े रजिस्टर्ड ट्रस्टों से काफी मिलता-जुलता है। इससे श्रद्धालुओं और दान देने वालों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है।
इतना ही नहीं उन्होंने फलाहारी बाबा पर आरोप लगाया कि उन्होंने ट्रस्ट में दान के रूप में दी गई राशि का उपयोग व्यक्तिगत तौर पर किया है। शिकायत में दावा किया गया है कि फलाहारी महाराज की इन गतिविधियों का जब विरोध किया गया, तो उन्होंने और उनके सहयोगियों ने संस्थान से जुड़े लोगों को कथित तौर पर धमकियां देना शुरू कर दिया। इसके साथ ही उन पर संस्थान के खिलाफ झूठी शिकायतें करने का भी आरोप लगाया गया है।
उगाही का भी लगा आरोप
शिकायत में कहा गया है कि संस्थान को बदनाम करने और झूठी शिकायतें दर्ज कराने की धमकी देकर 20 लाख रुपये वसूलने की कोशिश की गई। आरोप है कि सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए संस्थान की छवि खराब करने की बात भी कही गई। अनुराग पाठक के अनुसार, जब संस्थान ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो उन्होंने खुले तौर पर संस्थान पर आरोप लगाना शुरू कर दिया।
जनसंपर्क अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि मामला फिलहाल पुलिस के पास है और जांच चल रही है। वहीं, शिकायत में लगाए गए आरोपों पर फलाहारी महाराज की ओर से अभी कोई जवाब नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने पर फैसला लिया जाएगा।
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फलाहारी महाराज ने क्या आरोप लगाए थे?
फलाहारी महाराज ने सीएम योगी को लिखे पत्र में कहा है कि मंदिर के दानपात्र खोलते समय जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं, ताकि भक्तों की ओर से दिए गए दान को इधर-उधर किया जा सके। पत्र में दावा किया गया कि कभी स्कूटर से आने वाले मंदिर के कर्मचारी आज आलीशान कोठियों और लग्जरी गाड़ियों के मालिक बन चुके हैं। इन कर्मचारियों पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बेहिसाब बेनामी संपत्तियां खरीदने के भी आरोप लगाए। खून से लिखे इस पत्र के सामने आने के बाद धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और अब मामला दूसरी दिशा में जाता हुआ नजर आ रहा है।