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गैस सिलेंडर में धमाका, 2 मंजिला मकान जमींदोज, 4 सगे भाइयों की मौत, कई घायल

गैस सिलेंडर में धमाका, 2 मंजिला मकान जमींदोज, 4 सगे भाइयों की मौत, कई घायल

Deceased Kunal, Arpit, Yash, Ved, Alok and damaged house.

मृतक कुणाल, अर्पित, यश, वेद, आलोक और क्षतिग्रस्त मकान, Photo Credit: Social Media

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 उत्तर प्रदेश के जिला फतेहपुर के मलवां कस्बे में सोमवार शाम गैस सिलेंडर में आग लगने के बाद हुए भीषण धमाके से 2 मंजिला मकान भरभराकर ढह गया। हादसे में मलबे में दबने और झुलसने से चार भाइयों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कुणाल (18), अर्पित (15), वेद (8), यश (6) और आलोक (25) शामिल हैं। हादसे में पूजा देवी (38) घायल हुई हैं, जबकि मकान मालिक सुरेश उर्फ धुन्नर गुप्ता की भी हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई।

मलवां थाना क्षेत्र में फल कारोबारी सुरेश गुप्ता के दो मंजिला मकान में सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे खाना बनाया जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गैस पाइप में रिसाव के बाद आग लग गई। घर में मौजूद महिलाएं बाहर निकल आईं, लेकिन इसी दौरान जोरदार धमाका हुआ और मकान की ऊपरी मंजिल की छत भरभराकर नीचे आ गिरी। धमाके की आवाज करीब 500 मीटर तक सुनाई देने की बात सामने आई है। धमाका इतना तेज था कि आसपास के कुछ मकानों की बीम और दीवारों को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राहत-बचाव शुरू किया।

मलबे से निकाले गए 7 लोग, 5 की मौत

पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। कुल सात लोगों को निकालकर मेडिकल कॉलेज फतेहपुर भेजा गया। इलाज के दौरान कुणाल, अर्पित, वेद, यश और आलोक की मौत हो गई। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या कम बताई गई थी लेकिन मंगलवार सुबह तक यह संख्या बढ़कर पांच हो गई। हादसे के समय घर के निचले हिस्से में खाना बन रहा था और ऊपर की मंजिल पर परिवार के कुछ सदस्य मौजूद थे। दूसरी मंजिल की करीब 30 फीट लंबी और 20 फीट चौड़ी छत ढहने से मलबा नीचे आ गिरा। 

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जहां हुआ हादसा, वहां थे 4 सिलेंडर

पुलिस को मौके से चार गैस सिलेंडर मिले हैं। प्रारंभिक जांच में दो सिलेंडरों के फटने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि धमाके का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा। फोरेंसिक और दमकल विभाग की टीमें मौके से साक्ष्य जुटा रही हैं। मकान की दूसरी मंजिल पर सोलर पैनल और लिथियम बैटरियां रखे होने की जानकारी भी सामने आई है। इसलिए जांच टीम गैस सिलेंडर के साथ दूसरे संभावित कारणों की भी पड़ताल कर रही है। मौके पर फिलहाल बारूद जैसी कोई चीज मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

संकरी गली में पहुंचने में आई दिक्कत

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। संकरी गली होने के कारण दमकल की गाड़ी को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी हुई। इसके बाद जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। पुलिस, दमकलकर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। रात में लखनऊ से एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और बचाव अभियान में जुटी। घटना के बाद जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों की स्थिति की भी जानकारी ली। 

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CM योगी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख

हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया और अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन के मुताबिक मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें हादसे की वजह की जांच में जुटी हैं। मलबा पूरी तरह हटाए जाने और फोरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भीषण धमाका केवल गैस सिलेंडर में रिसाव के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। 

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