चालक की लापरवाही से बस हादसे का शिकार हुए एक युवक की फ्लाइट छूटने और विदेश की नौकरी हाथ से निकलने के मामले में उत्तर प्रदेश उपभोक्ता फोरम ने परिवहन निगम को जिम्मेदार ठहराया है। करीब चार साल पुराने मामले में फोरम ने परिवहन निगम को फ्लाइट टिकट की 63,700 रुपये की राशि छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत अदा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मानसिक एवं शारीरिक पीड़ा के लिए 10 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये अलग से देने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला सीतापुर शहर के सुदामापुरी निवासी अंशुल सहाय से जुड़ा है। अंशुल का चयन यूरोप के माल्टा स्थित द ग्रैंड होटल में नौकरी के लिए हुआ था। नौकरी की ज्वाइनिंग के लिए वह घरवालों से खुशी-खुशी विदा लेकर दिल्ली से फ्लाइट पकड़ने के लिए बस से रवाना हुए थे। उन्हें क्या पता था कि रास्ते में चालक की लापरवाही उनकी पूरी योजना पर पानी फेर देगी।
3 अगस्त 2022 को पिरई पुल के पास पलटी बस
3 अगस्त 2022 को अंशुल बस संख्या यूपी 78 एएन 9549 से दिल्ली जा रहे थे। यात्रा शुरू होने के कुछ ही देर बाद चालक ने तेज गति से लापरवाहीपूर्वक बस चलानी शुरू कर दी। यात्रियों ने चालक को तेज रफ्तार में बस न चलाने के लिए विरोध भी किया लेकिन चालक पर इसका कोई असर नहीं हुआ। पिरई पुल के पास तेज रफ्तार के कारण बस पलट गई। हादसे में कई यात्रियों को चोटें आईं, जबकि अंशुल बस में फंस गए। काफी मशक्कत के बाद उन्हें बस से बाहर निकाला जा सका।
इस हादसे के चलते अंशुल निर्धारित समय पर दिल्ली नहीं पहुंच सके और उनकी फ्लाइट छूट गई। इतना ही नहीं, विदेश में जिस नौकरी को ज्वाइन करने के लिए वह दिल्ली जा रहे थे, वह नौकरी भी उनके हाथ से निकल गई। फ्लाइट टिकट की रकम का नुकसान अलग हुआ और हादसे के कारण उन्हें मानसिक व शारीरिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।
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परिवहन निगम से नाराज होकर उपभोक्ता फोरम पहुंचे
परिवहन विभाग की व्यवस्था और चालक की लापरवाही से नाराज अंशुल सहाय ने हुए नुकसान की भरपाई के लिए उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अधिवक्ता 13 दिसंबर 2022 को जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया। अंशुल की ओर से मामले में बस हादसे, फ्लाइट छूटने, टिकट की रकम के नुकसान और विदेश की नौकरी हाथ से निकलने से हुए नुकसान को आधार बनाया गया।
मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव, सदस्य विमा तिवारी एवं देवकांत त्रिपाठी ने बुधवार को फैसला सुनाया। फोरम ने परिवहन निगम को फ्लाइट टिकट की 63,700 रुपये की राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया। इसके अलावा अंशुल को हादसे के कारण हुई मानसिक एवं शारीरिक पीड़ा के लिए 10 हजार रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 5 हजार रुपये अदा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।