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राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद की दौड़ में पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर, चर्चाओं से हलचल

यूपी अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में पूर्व आईपीएस ने सीईओ पद के लिए आवेदन किया है। इसके बाद से राजनीतिक व सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। ट्रस्ट की ओर से 18 जुलाई तक आवेदन मांगे गए है।

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पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर Photo Credit Social Media

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लखनऊ। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद शुरू हुए बड़े प्रशासनिक बदलावों के बीच अब नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर हलचल तेज हो गई है। ट्रस्ट द्वारा जारी अधिसूचना के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने भी CEO पद के लिए आवेदन किया है। उनके आवेदन के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। ट्रस्ट ने देशभर से योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे हैं और 18 जुलाई तक आवेदन प्रक्रिया जारी रहेगी। माना जा रहा है कि जल्द ही नए CEO के नाम पर फैसला लिया जा सकता है।

 

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव शुरू किए हैं। महासचिव चंपत राय समेत कई जिम्मेदार पदाधिकारियों के पद छोड़ने के बाद अब ट्रस्ट प्रोफेशनल प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नए CEO की नियुक्ति इसी प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।

ट्रस्ट के लिए एक कलंक है घटना

निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी हाल ही में कहा था कि चढ़ावा चोरी की घटना ट्रस्ट के लिए एक कलंक है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।

 

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18 जुलाई तक आवेदन, तीन साल का होगा कार्यकाल

ट्रस्ट की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक CEO का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। वेतन और अन्य सुविधाएं आपसी सहमति से तय की जाएंगी। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी का हिंदू होना अनिवार्य है। आवेदक की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान आवश्यक है।
CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति सभी आवेदनों की समीक्षा कर अंतिम निर्णय लेगी।

कौन हैं अमिताभ ठाकुर?

पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित पुलिस अधिकारियों में रहे हैं। सेवा के दौरान उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया। प्रशासनिक मामलों के अलावा वे विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने के कारण अक्सर सुर्खियों में रहे।सेवानिवृत्ति के बाद भी अमिताभ ठाकुर लगातार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। उन्होंने भ्रष्टाचार, प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन जैसे मुद्दों को लेकर कई बार आवाज उठाई। उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा और समय-समय पर विभिन्न सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। कई मामलों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ उनके बयानों और कानूनी लड़ाइयों ने भी उन्हें चर्चा में रखा।

क्यों चर्चा में है उनका आवेदन?

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए अमिताभ ठाकुर का आवेदन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट पहली बार प्रोफेशनल प्रशासनिक ढांचे की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में एक पूर्व आईपीएस अधिकारी का आवेदन इस नियुक्ति को और अधिक महत्वपूर्ण बना रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि तीन सदस्यीय चयन समिति किस नाम पर अंतिम मुहर लगाती है।

 

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राम मंदिर ट्रस्ट में बदलाव पर सबकी नजर

चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। नए CEO की नियुक्ति को मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रबंधन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। संत समाज, श्रद्धालु, प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक हलकों की नजर अब ट्रस्ट के अगले फैसले पर टिकी हुई है।

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