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दरभंगा: मदरसा से भागे 4 बच्चे, पैरों में बंधी जंजीरें, मारता था मस्जिद का संचालक

बिहार के दरभंगा में पैरों में जंजीर और ताला बंधे चार बच्चे मदरसे से भागकर गांव पहुंचे। बच्चों का आरोप है कि उन्हें बंधक बनाकर पीटा जाता था और काम कराया जाता था, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

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बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में चार नाबालिग बच्चे पैरों में लोहे की जंजीर और ताला लगे हुए हालत में पहुंचे। इन बच्चों का आरोप है कि उन्हें एक मदरसे में बंधक बनाकर रखा गया था और उनके साथ बहुत मारपीट की जाती थी। जब बच्चों ने अपने घर जाने की इच्छा जताई तो उनके पैरों में जंजीरों से लोहे के ताले लगा दिए गए। ये बच्चे किसी तरह मदरसे से भागकर गांव पहुंचे थे, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

ये चारों बच्चे मधुबनी जिले के रहने वाले हैं और इन सभी की उम्र लगभग 12 से 14 साल के बीच है। बच्चों ने बताया कि वे दरभंगा के एपीएम थाना क्षेत्र में स्थित 'मदरसा इस्लामिया नगर बलुआहा' में कुरान की शिक्षा लेने के लिए आए थे। मदरसे में उनसे पढ़ाई नहीं कराई जा रही थी।

 

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पढ़ाई के बजाय कराई जाती थी मजदूरी

बच्चों ने आरोप लगाया कि मदरसे में पढ़ाई कराने के बजाय उनसे टॉयलेट की सफाई कराई जाती थी और चूल्हा जलाने के लिए लकड़ियां काटने के साथ-साथ दूसरे काम भी कराए जाते थे। जब भी बच्चे इन कामों का विरोध करते या अपने घर जाने की बात कहते, तो उनकी प्लास्टिक के पाइप और लोहे की जंजीर से बहुत बुरी तरह पिटाई की जाती थी।

 

बच्चों के मुताबिक, शुक्रवार के दिन जुमे की नमाज के लिए मौलाना बाहर गए थे और जाने से पहले उन्हें मदरसे में बंद कर दिया गया था। इसी दौरान बच्चे किसी तरह बाहर निकले और मदरसे की बाउंड्री पार करके वहां से भाग गए। भागते हुए चारों बच्चे सिनुआरा गांव पहुंचे, जहां मौजूद ग्रामीणों ने बच्चों को रोककर उनकी पूरी आपबीती सुनी।

बच्चों की हालत देख पुलिस बुलाई

सिनुआरा गांव के रहने वाले ग्रामीण कन्हैया चौधरी और सुमन सिंह ने बताया कि बच्चों के पैरों में जंजीर और ताला लगा हुआ था और उनके शरीर पर पिटाई के चोट के निशान भी साफ दिखाई दे रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत चाइल्डलाइन और पुलिस को इस बात की सूचना दी। सूचना मिलते ही बहादुरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों को अपने साथ थाने ले गई। बाद में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करके उन्हें बाल संरक्षण से जुड़ी एजेंसी चाइल्डकेयर के हवाले कर दिया गया।

 

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बहादुरपुर के थानाध्यक्ष प्रसुन्जय कुमार ने बताया कि चारों बच्चों को सुरक्षित बचाकर चाइल्डलाइन के जरिए चाइल्ड केयर संस्थान को सौंप दिया गया है। बच्चों के घरवालों को इस बात की जानकारी दे दी गई है। पुलिस अब बच्चों की पहचान और कागजों की जांच कर रही है। यह कानूनी काम पूरा होते ही बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया जाएगा। पुलिस अभी पूरे मामले की छानबीन कर रही है और बच्चों के आरोपों की सच्चाई का पता लगा रही है। अगर जांच में आरोप सच पाए गए, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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