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गंगा एक्सप्रेसवे पर हो गया 7 फीट का गड्डा, पहले कालीन से ढका फिर भरा कंक्रीट

उत्तर प्रदेश में बने गंगा एक्सप्रेसवे पर बारिश के चलते गड्ढा हो गया। 7 फीट गहरे गड्ढे का वीडियो वायरल होने के बाद इसमें कंक्रीट भरकर रिपेयरिंग कर दी गई है।

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गंगा एक्सप्रेसवे पर बन गया था गड्ढा, Photo Credit: Social Media

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में भारी बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा धंस गया, जिससे करीब सात फुट गहरा गड्ढा बन गया था। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि रखरखाव एजेंसी ने यातायात को दूसरी लेन में परिवर्तित कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया था। शाम तक इस गड्ढे को भर दिया गया लेकिन मामला चर्चा का विषय बन गया है। वजह है कि पहले इसकी तस्वीरें आईं तो देखा गया कि गड्ढे को ढकने के लिए चादर या कालीन जैसी कोई चीज डाली गई थी। इसी को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तंज कसा कि यह भारतीय जनता पार्टी का 'कालीन विकास'है। उन्होंने इसे देश का पहला 'एक्सप्रेस वॉटरवे' बताते हुए आरोप लगाए कि सरकार एक्सप्रेसवे को भ्रष्टाचार का ‘ड्रॉइंग रूम’ बना रही है।

 

अधिकारियों के अनुसार, यह गड्ढा प्रयागराज की ओर जाने वाले कैरिजवे पर 423.6 किलोमीटर पर बसीरतगंज टोल प्लाजा के पास रेस्ट एरिया के पास हुआ था। मंगलवार को क्षतिग्रस्त हिस्से से करीब 300 मीटर पहले अवरोधक लगाकर यातायात को दूसरी लेन में मोड़ दिया गया था। एक्सप्रेसवे के करीब 200 किलोमीटर हिस्से का निर्माण करने वाली और उसके रखरखाव से जुड़ी कंपनी पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने रात में गश्त के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्से को देखा और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। 

 

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कई जगहों पर रिपेयरिंग

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि क्षति का पता चलते ही तत्काल मरम्मत शुरू कर दी गई और कंक्रीट मिक्सर की मदद से गड्ढे को भर दिया गया ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे के अन्य स्थानों पर जहां इसी तरह की क्षति सामने आई है, वहां भी मरम्मत कार्य जारी है। अधिकारी ने लखनऊ में कहा, ‘हम एक्सप्रेसवे की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि आवागमन में कोई बाधा न आए और यात्रा सुगम बनी रहे।’

 

इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें गड्ढे पर एक शॉल पड़ी दिखाई दे रही है। वीडियो में दावा किया गया कि गड्ढे को छिपाने के लिए शॉल रखी गई थी। हालांकि, शॉल किसने और क्यों रखी, इसकी कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।  मंगलवार को गड्ढों और एक्सप्रेसवे पर बारिश का पानी जमा होने के कई अन्य वीडियो भी सामने आए। कुछ यात्रियों ने इस हिस्से से गुजरने में कठिनाई की बात कही और बेहतर रखरखाव से आवागमन सुगम होने की उम्मीद जताई। 

 

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अखिलेश यादव ने कसा तंज

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में एक वीडियो साझा करते हुए कहा, 'ये है बीजेपी का ‘कालीन’ विकास। सुना तो यह था कि दरारों को कालीनों से ढका जाता है लेकिन यहां तो गंगा एक्सप्रेसवे के गड्ढे ढके जा रहे हैं, कुछ दिनों पहले कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पंखे लगे थे। बीजेपी एक्सप्रेसवे को अपने भ्रष्टाचार का ‘ड्राइंग रूम’ बना रही है क्या?' उन्होंने यादव ने एक अन्य पोस्ट में वीडियो क्लिप साझा की, जिसमें गंगा एक्सप्रेसवे को दूसरी सड़क से जोड़ने वाले टोल प्लाजा पर जलभराव दिख रहा था। उन्होंने कहा, 'बीजेपी ने बनाया देश का पहला एक्सप्रेस वॉटर वे!'

बता दें कि उन्नाव में पिछले पांच दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। इस मानसून में जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क क्षति की यह दूसरी घटना है। दही थाना क्षेत्र के सोनिक गांव के पास 17 अगस्त को 421 किलोमीटर पर सड़क का एक हिस्सा धंस गया था। करीब 200 मीटर तक सड़क किनारे की मिट्टी बह गई थी, जिससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। रखरखाव कंपनी ने दो दिन में इसकी मरम्मत कर दी थी। सोमवार देर रात हुई बारिश के दौरान सड़क फिर बसीरतगंज टोल प्लाजा के पास धंस गई। यह स्थान पहले वाली जगह से करीब ढाई किलोमीटर दूर है। अधिकारियों के अनुसार, बने गड्ढे की चौड़ाई करीब पांच फुट और गहराई सात फुट थी।  करीब 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई में इसका उद्घाटन किया था।

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