कारोबारी की हत्या के बाद मंत्री संजय निषाद ने दिया धरना, पूरा मामला क्या है?
उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गुरुवार की रात काफी भारी रही। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और बीजेपी विधायक अजय सिंह ने एक मर्डर के मामले में धरना-प्रदर्शन किया।

नेताओं के साथ धरने पर बैठे संजय निषाद, Photo Credit: Social Media
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक कारोबारी पर जानलेवा हमला हुआ था। घायल हुए कारोबारी विनोद कुमार साहनी को लखनऊ में एडमिट कराया गया था लेकिन इलाज के दौरान गुरुवार को उनका निधन हो गया। इसी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के मुखिया मुकेश सहनी और समाजवादी पार्टी के तमाम नेताओं ने लखनऊ में ही धरना दिया। देर रात तक मंत्री संजय निषाद धरने पर बैठे रहे जिसके चलते पुलिस महकमे के हाथ-पैर फूल गए। आखिर में इस केस में लापरवाही के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। अभी तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
इस मुद्दे को समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने भी उठाया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें संजय निषाद के साथ धरने पर बैठे सपा नेता ने आरोप लगाया कि विनोद सहनी की हत्या सत्ता संरक्षित लोगों ने की है इसीलिए पोस्टमार्टम तक में देरी हो रही है। सपा और निषाद समाज के अन्य नेताओं ने अब पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
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संजय निषाद के साथ-साथ कर्नलगंज से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक अजय सिंह, समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राज्य अध्यक्ष राजपाल कश्यप समेत कई अन्य नेता धरने पर बैठे। इससे यह संदेश भी गया कि अपने ही बीजेपी की यूपी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, बाद में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किए जाने के बाद इन नेताओं ने अपना धरना खत्म कर दिया।
मंत्री संजय निषाद ने क्या कहा?
धरने पर बैठे संजय निषाद ने लखनऊ से ही फोन पर वरिष्ठ अधिकारियों और जिले से एसपी से बात की। इस मौके पर उन्होंने एसपी से फोन पर भी बात की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें वह कहते हैं, 'तुम्हारा SO और चौकी इंचार्ज बदमाश है। तीन महीने से उसे खुद परेशान कर रहा था। बयान बदलवाने का दबाव बना रहा था। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराओ। निषाद समाज आक्रोश में है। सब लोग यह मानकर चलिए कि बहुत बड़ी घटना है। केवल फेसबुक पर लिखने के कारण उसकी हत्या कर दी जाएगी? मुझे भी नहीं बताया गया वरना मैं इसे मुख्यमंत्री के सामने रखता।'
https://twitter.com/Sachingupta/status/2098087680416579952
उन्होंने आगे कहा, 'आरोपियों की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाया जाए। पूरे समाज की मांग है कि इनके परिवार की सुरक्षा हो और मुआवजे के लिए डीएम को लिखा जाए। एक जांच कमेटी बैठवाइए क्योंकि मृतक ने वीडियो जारी करके कहा था कि उनका इलाज सही से नहीं हो रहा है।'
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मृतक के परिवार ने क्या कहा?
मृतक विनोद सहनी के बेटे राज सहनी ने कहा है, 'पिता जी सोशल मीडिया पर लड़ाई लड़ रहे थे इसीलिए उनकी हत्या कर दी गई। उनको मारने के लिए साजिश की गई। सुभाष सिंह, गोलू सिंह और शुभम सिंह समेत 10-15 लोग थे जिन्होंने हत्या की। पुलिस की कार्रवाई नाकाम रही है। हमारी मांग है कि हमें न्याय दें। हमें भी सुरक्षा मुहैया कराई जाए।'
https://twitter.com/ANINewsUP/status/2098097560972148784
पुलिस ने लिया ऐक्शन
इस मामले में गोंडा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने अपने बयान में कहा है, '9 सितंबर 2026 को थाना परसपुर क्षेत्र के विनोद साहनी नाम के एक शख्स ने एक आवेदन दिया कि घर लौटते समय कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की है। तत्काल उनका मेडिकल करवाया गया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें KGMU लखनऊ भेजा गया। आज इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई है। इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें से 2 नामजद अभियुक्त शुभम और सुभाष हैं और एक व्यक्ति अंतिम है।'
https://twitter.com/gondapolice/status/2098096194992144655
एसपी अभिषेक ने आगे बताया, 'इनसे पूछताछ में पता चला है कि मृतक (विनोद सहनी) सोशल मीडिया पर कुछ वर्ग विशेष के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक पोस्ट करते थे जो वैमनस्यतापूर्ण और विभाजनकारी थे। इसी रंजिश के कारण मारपीट की गई। कई टीमें बनाकर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस केस में लापरवाही बरतने के लिए थाना प्रभारी (परसपुर) और चौकी प्रभारी (शाहपुर) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच की संस्तुति की गई है।'
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क्या है विनोद सहनी का विवाद?
विनोद कुमार सहनी इस समय मुकेश सहनी की VIP से जुड़े हुए थे। वह पेशे से बर्तन के व्यापारी थे और गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्रके रेक्सडिया गांव के निवासी थे। वह लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट करते थे और उनकी कई ऐसी पोस्ट भी होती थीं जिनको लेकर विवाद भी होते थे। आरोप है कि बुधवार को जब वह अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे तो आरोपी शुभम सिंह उर्फ गोलू ने अपने साथियों के साथ मिलकर विनोद पर हमला कर दिया।
पहले शुभम सिंह ने विनोद की बाइक के सामने अपनी बाइक लगाई और फिर फेसबुक पोस्ट के बारे में बहस करने लगे। यही बहस पहले गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इसी मारपीट में हथियारों का भी इस्तेमाल हुआ और गोली भी चलाई गई। जब विनोद सहनी बेदम हो गए तो आरोपी उन्हें छोड़कर भाग गए। विनोद ने खुद ही अपने घर पर फोन करके सूचना दी और थाने पर तहरीर भी दी। पहले उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। तबीयत बिगड़ने के बाद पहले तो गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया और फिर लखनऊ के KGMU भेज दिया गया।
कुछ दिन पहले ही विनोद सहनी ने महंत राजू दास और साध्वी निरंजन ज्योति की तस्वीरें लगाकर एक रील शेयर की थी। राजनीति में सक्रिय रहे विनोद सहनी, निषाद समाज पार्टी, आजाद समाज पार्टी और सपा में भी रह चुके थे। कहा जा रहा है कि वह इस बार करनैलगंज विधानसभा और कैसरगंज लोकसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे।
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