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चंपत राय से मुलाकात, न तल्खी, न कोई शिकायत, गोविंद देव गिरि ने क्या-क्या बताया?

राम मंदिर चंदो चोरी विवाद में चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। इसके बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी कल चंपत राय से मिलने के लिए गए और बताया कि चंपत राय पूरी तरह संतुष्ट हैं।

Govind Dev Giri

गोविंद देव गिरी, Photo Credit: Social Media

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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी सवाल उठे थे। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दिया और उसे ट्रस्ट की मीटिंग में स्वीकार भी कर लिया गया है। इसके बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी कल चंपत राय से मिलने के लिए गए। इस मुलाकात के बाद गोविंद गिरी ने कहा है कि पूर्व महासचिव चंपत राय अपने इस्तीफे को लेकर पूरी तरह संतुष्ट हैं और उनके मन में किसी प्रकार का कोई रोष या शिकायत नहीं है। 

 

उन्होंने बताया कि कल ही में उनकी चंपत राय से मुलाकात हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य उनके स्वास्थ्य का हालचाल जानना था। उनके अनुसार, चंपत राय स्वस्थ हैं, संतुष्ट हैं और उन्होंने इस्तीफे को लेकर किसी तरह की नाराजगी व्यक्त नहीं की। गोविंद देव गिरी ने चंपत राय को एक मंजा हुआ सेवक बताया और मंदिर में चंदा चोरी ना हो इसके लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। 

 

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संत मंदिर की व्यवस्थाओं को सुधारने 


गोविंद देव गिरी ने कहा कि उन्होंने अयोध्या के कई स्थानीय संतों और महंतों से भी मुलाकात की। उनके मुताबिक संत समाज ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा हाल में लिए गए प्रशासनिक निर्णयों का समर्थन किया है। हालांकि, संतों ने पूजा-पद्धति और मंदिर की व्यवस्थाओं में कुछ और सुधार की अपेक्षा भी जताई है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट इन सुझावों पर गंभीरता से काम कर रहा है और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

चंदा चोरी को रोकने के उपाय किए

कोषाध्यक्ष ने मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे की गणना व्यवस्था का भी निरीक्षण करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर दान की गिनती होती है, वहां नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। अब निगरानी, जवाबदेही और सुरक्षा के ऐसे उपाय किए गए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटना दोबारा होने की संभावना नहीं के बराबर है। उनके अनुसार, ट्रस्ट ने पूरी प्रक्रिया में अधिक सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है और हर स्तर पर निगरानी को मजबूत किया गया है। 

 

गोविंद देव गिरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी विवाद के बीच ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय के साथ-साथ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए थे। साथ ही प्रशासनिक ढांचे में बड़े लेवल पर बदलाव करते हुए कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया और एक प्रोफेशनल CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।

 

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चढ़ावा चोरी की जांच जारी

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम इसकी जांच कर रही है। एसआईटी ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट पेश कर दी है। जांच के दौरान ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था और दान की गिनती की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे। विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की, जबकि ट्रस्ट ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा। हाल के दिनों में गोविंद देव गिरी लगातार यह कहते रहे हैं कि चंपत राय को व्यक्तिगत रूप से दोषी नहीं माना जाना चाहिए और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। 

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