हरियाणा के गुरुग्राम से ठगी का एक अलग ही तरीका सामने आया है। स्कैमर ने कर्मचारी से सीधे पैसे नहीं मांगे, बल्कि पहले एक आम सी बातचीत शुरू की। उसने पहले कर्मचारी से पूछा की ऑफिस में हो क्या? इसके बाद धीरे-धीरे बात 5-5 हजार के 5 गिफ्ट वाउचर खरीदने को कहा। शुरुआत में स्कैमर की तरफ से आए मैसेज असली लगे, इसलिए कर्मचारी को तुरंत शक नहीं हुआ। हालांकि, कर्मचारी ने आगे कोई कदम उठाने से पहले कंपनी के फाउंडर संकल्प श्री से पूछताछ कर ली, और खरीदारी नहीं की। इससे स्कैमर की ठगी की कोशिश नाकाम हो गई।
गुरुग्राम में एक स्टार्टअप कंपनी के फाउंडर और डायरेक्टर संकल्प श्री ने बताया कि एक स्कैमर ने ईमेल के जरिए उनकी पहचान चुराकर उनके एक कर्मचारी को 25,000 के गिफ्ट वाउचर खरीदने के लिए फंसाने की कोशिश की। स्कैमर ने खुद को संकल्प श्री बताते हुए कर्मचारी को कई ईमेल भेजे, जो देखने में बिल्कुल असली लग रही थी।
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कंपनी की थोड़ी जानकारी हासिल कर ठगी की कोशिश
संकल्प श्री ने कहा कि इस घटना से पता चलता है कि साइबर अटैक अब सिस्टम को हैक करने से ज्यादा लोगों को मानसिक रूप से बरगलाने पर निर्भर करने लगे हैं। उन्होंने बताया कि कोई नुकसान नहीं हुआ था, इसलिए उन्होंने आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई। इसे मामले को केवल एक इंटरनल सिक्योरिटी अवेयरनेस वाली घटना मानकर कंपनी के अंदर ही एहतियाती कदम उठाए गए।

स्कैमर को कंपनी की बहुत गहरी जानकारी नहीं थी। बस उसे इतना पता था कि संकल्प श्री कंपनी के को-फाउंडर और डायरेक्टर हैं, और जिस कर्मचारी को टारगेट किया गया, वह सीधे उन्हीं को रिपोर्ट करता था और हाल ही में कंपनी जॉइन किया था। इसलिए कर्मचारी को यह मैसेज सामान्य लगा। संकल्प श्री ने कहा कि स्कैमर को बहुत ज्यादा जानकारी की जरूरत नहीं पड़ी, बस कंपनी की बेसिक जानकारी और उनके पद के रौब से ही मैसेज भरोसेमंद लगने लगा।
ईमेल और एक सवाल से खुला राज
आमतौर पर कर्मचारी संकल्प श्री से माइक्रोसॉफ्ट टीम्स या व्हाट्सऐप पर बात करता था, इसलिए अचानक ईमेल पर मैसेज आना पहला शक का कारण बना। इसके बाद एक और बड़ी चूक सामने आई, जब गुरुग्राम में भारी बारिश की वजह से पूरी टीम घर से काम कर रही थी। इसके बावजूद स्कैमर ने कर्मचारी से पूछा कि क्या तुम ऑफिस में हो? इससे कर्मचारी को शक हुआ। कर्मचारी ने रुककर सवाल किया, तुरंत निर्देश मानकर आगे नहीं बढ़ा और यही सतर्कता उसे ठगी से बचा गई।