मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज 3 नवंबर को हरियाणा कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। इस बैठक में सरकार ने फैसला लिया कि 26 नवंबर को संविधान दिवस पर एक दिन का हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने किया पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कई अहम फैसलों की जानकारी दी।
इस बैठक में कुल 7 एजेंडे रखे गए और उन सबको मंजूरी दे दी गई। संविधान दिवस के अवसर पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने के अलावा बैठक में हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम, 2026 को मंजूरी दे दी गई। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंटों, अवैध विदेश भर्ती, मानव तस्करी और 'डंकी रूट' जैसी अवैध गतिविधियों से बचाना है।
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ट्रैवल एजेंटों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
कैबिनेट के फैसले के बाद अब प्रदेश में ट्रैवल एजेंट का व्यवसाय करने वाले सभी नए एवं पहले से कार्यरत एजेंटों के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। प्रत्येक नए कार्यालय अथवा शाखा के लिए अलग पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही प्रत्येक सेवा श्रेणी के लिए भी अलग पंजीकरण आवश्यक होगा। इसमें पासपोर्ट सेवाएं, टूर एवं ट्रैवल एजेंसी सेवाएं, स्टडी वीजा कंसल्टेंसी और टिकटिंग सेवाएं शामिल हैं।
वेबसाइट पर मिलेग जानकारी
ट्रैवल एजेंटों को जारी सर्टिफिकेट तीन साल के लिए वैध रहेगा। पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सक्षम प्राधिकारी द्वारा 30 दिनों के भीतर पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। पंजीकृत ट्रैवल एजेंटों की जिला-वार सूची और उनके पंजीकरण प्रमाणपत्र अंत्योदय सरल पोर्टल तथा गृह विभाग एवं पुलिस विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवाए जाएंगे
भर्ती के लिए बदले नियम
मंत्रिमंडल ने हरियाणा एजुकेशनल कॉलेज कैडर (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 1986 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब जूनियर लेक्चर असिस्टेंट के पद पर सीधी भर्ती एवं पदोन्नति के लिए अभ्यर्थी का भौतिक, रसायन, गणित या जीव विज्ञान विषयों के साथ 10+2 उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। सीधी भर्ती के लिए मान्यता प्राप्त कॉलेज में लैबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में पांच वर्ष का अनुभव आवश्यक होगा।
पदोन्नति के लिए 10+2 या समकक्ष योग्यता तथा नियमित नियुक्ति के बाद लैबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में पांच वर्ष का अनुभव निर्धारित किया गया। सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 42 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने 16 नवंबर, 2021 को अधिसूचित ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स नीति में संशोधनों को मंजूरी प्रदान की है।
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टीडीआर के नियमों में बदलाव
मंत्रिमंडल ने टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) प्रमाणपत्रों के मूल्यांकन और इस्तेमाल के नियमों में बदलाव किया है। अब जमीन का मूल्यांकन आवेदन जमा करने की तारीख पर लागू औसत कलेक्टर रेट के आधार पर होगा। जिस जगह टीडीआर का इस्तेमाल किया जाना है, वहां की जमीन का मूल्यांकन भी इसी आधार पर किया जाएगा। यह नियम उन सभी लंबित आवेदनों पर भी लागू होगा, जिनमें अभी तक टीडीआर उपयोग प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति या सैद्धांतिक मंजूरी नहीं मिली है।
इसके अलावा, अब टीडीआर प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल उसी डेवलपमेंट प्लान के साथ-साथ प्रदेश के किसी भी कम विकास संभावनाओं वाले डेवलपमेंट प्लान में किया जा सकेगा। पहले इनका इस्तेमाल केवल उसी डेवलपमेंट प्लान तक सीमित था, जिसके लिए प्रमाणपत्र जारी किया गया था।
नई लैंड पूलिंग पॉलिसी को मंजूरी
वहीं, मंत्रिमंडल ने नई लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य विकास परियोजनाओं के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया को आसान और प्रभावी बनाना है। नई नीति के तहत कुल बिक्री योग्य जमीन का 50 प्रतिशत हिस्सा भू-मालिकों और बाकी 50 प्रतिशत विकास एजेंसी को दिया जाएगा। नई लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत भू-मालिकों को मिलने वाले विकसित प्लॉट का न्यूनतम आकार भी तय किया गया है। इसके अनुसार, आवासीय प्लॉट कम से कम 100 वर्ग मीटर, संस्थागत प्लॉट 500 वर्ग मीटर और औद्योगिक प्लॉट 250 वर्ग मीटर का होगा। भू-मालिकों के 50 प्रतिशत हिस्से में पात्रता के अनुसार कुछ जमीन व्यावसायिक साइट के रूप में भी दी जाएगी।
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लैंड एंटाइटलमेंट सर्टिफिकेट धारक अपने प्रमाणपत्रों को आपस में जोड़कर बड़े प्लॉट के लिए संयुक्त रूप से आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, भू-मालिकों को प्रति एकड़ हर साल एक लाख रुपये की अंतरिम आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि जमीन के योगदान के अनुपात में सेल डीड के पंजीकरण की तारीख से चार साल तक मिलेगी। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गौशालाओं के विकास और गोवंश के संरक्षण के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। गौशालाओं को चारे और शेड निर्माण के लिए अनुदान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में हाल ही में प्रदेश की 629 गौशालाओं को 86 करोड़ 95 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है।