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अपने ही MLA की सदस्यता रद्द क्यों करना चाहती है कांग्रेस? 10 पेज का नोटिस दिया

हरियाणा कांग्रेस ने बागी विधायक जरनैल सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों और विधानसभा में पार्टी व्हिप के खिलाफ काम करने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

Jarnail Singh

कांग्रेस के बागी विधायक जरनैल सिंह, Photo Credit: Social Media

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हरियाणा कांग्रेस अब अपने बागी विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ सख्त रुख अपनाती हुई दिखाई दे रही है। पार्टी ने रतिया विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और पार्टी के अधिकृत निर्देशों के खिलाफ आचरण करने, सत्ता पक्ष के साथ मिलकर नारेबाजी करने और पोस्टर-प्लेसकार्ड दिखाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। पार्टी ने व्हिप की अवहेलना के चलते उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू करने के संबंध में यह नोटिस जारी किया है। 

 

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधायक जरमैल सिंह ने कांग्रेस पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं किया था। इस मामले में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक भारत भूषण बत्तरा ने रतिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक जरनैल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता रद् करने की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।

 

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क्या आरोप लगाए?

विधानसभा सत्र के दौरान रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह पर पार्टी के अधिकृत निर्देशों यानी तीन लाइन के व्हिप की अवहेलना करने का आरोप लगा है। नोटिस के मुताबिक, कांग्रेस विधायक दल ने सदन में लाए गए काम रोको प्रस्ताव के समर्थन में सभी विधायकों को खड़े होने का निर्देश दिया था। आरोप है कि जरनैल सिंह को यह व्हिप व्यक्तिगत रूप से देने की कोशिश भी की गई, लेकिन उन्होंने इसे लेने या इसकी प्राप्ति स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद जब प्रस्ताव सदन में आया, तब कांग्रेस के दूसरे विधायक उसके समर्थन में खड़े हुए, लेकिन जरनैल सिंह सदन में मौजूद होने के बावजूद प्रस्ताव के समर्थन में खड़े नहीं हुए।

 

नोटिस में आरोप है कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान जरनैल सिंह ने पोस्टर और प्लेकार्ड लहराए और उन्हें लेकर सत्ता पक्ष की तरफ की ओर चले गए। आरोप के मुताबिक, उन्होंने सत्ता पक्ष के सदस्यों के साथ मिलकर कांग्रेस विधायक दल और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी भी की। नोटिस में उपलब्ध फोटो और वीडियो का हवाला देते हुए कहा गया है कि वह मंत्री कृष्ण बेदी, खेल मंत्री गौरव गौतम और सत्ता पक्ष के अन्य सदस्यों के साथ इन गतिविधियों में शामिल दिखाई दिए। साथ ही, पूरे सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल और विपक्ष के खिलाफ लगातार हंगामा और नारेबाजी करने का भी आरोप लगाया गया है।

पार्टी पहले ही कर चुकी है सस्पेंड

इसी साल राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को वोट किया था और उनके साथ कांग्रेस के कुछ अन्य विधायकों ने भी वोट किया था। इसके बाद जरनैल सिंह को कांग्रेस पार्टी पहले ही पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सस्पेंड कर चुकी है और वह भी खुलकर पार्टी के विरोध में बोल रहे हैं। नोटिस में यह भी बताया गया है कि जरमैल सिंह कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा के सदस्य चुने गए हैं।

नोटिस में कहा गया है कि इसके बावजूद विधायक ने हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल के अधिकृत निर्देशों का पालन नहीं किया। 

 

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पार्टी ने मांगा जवाब 

इस मामले में कांग्रेस पार्टी ने उनसे 30 दिनों के अंदर लिखित जवाब मांगा है। इसमें अलग-अलग बिंदुओं के जरिए यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उन्होंने पार्टी के निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया और सदन में कथित तौर पर पार्टी की घोषित स्थिति के विपरीत गतिविधियां क्यों कीं। नोटिस में संविधान की दसवीं अनुसूची का जिक्र किया गया है। इसके तहत विधानसभा की सदस्यता से अयोग्यता के संबंध में कारण बताने को कहा गया है।


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