मुंबई सेशंस कोर्ट आज शुक्रवार को फैसला सुनाने वाला है। इस मामले में आठ लोगों की किस्मत का फैसला होगा। इनमें हरियाणा के पांच पुलिस वाले भी शामिल हैं। इन पर 2016 में मुंबई के एक होटल में गैंगस्टर संदीप गडोली की हत्या का आरोप है। आरोप है कि यह एनकाउंटर फर्जी (स्टेज्ड) था।
संदीप गडोली हरियाणा का एक कुख्यात गैंगस्टर था। वह छोटे-मोटे कामों से शुरू करके उत्तर भारत के मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों में से एक बन गया। उसके पिता भूप सिंह जाट हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर थे लेकिन संदीप का रास्ता अपराध की दुनिया की तरफ चला गया।
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फिरौती से शुरू हुई कहानी
उसकी शुरुआत छोटी-मोटी फिरौती और वसूली से हुई। बाद में कथित तौर पर उसकी बहन के साथ किसी युवक ने बदतमीजी की, तो संदीप ने उस युवक को दिन के उजाले में मार डाला। पहले वह गुड़गांव के बिंदर गुज्जर के गैंग के साथ था लेकिन बाद में दोनों में झगड़ा हो गया तो इसके बाद संदीप ने अपना अलग गैंग बना लिया।
प्रॉपर्टी डीलर बताता था
2005 से 2015 तक वह गुड़गांव और दक्षिण हरियाणा में अवैध शराब तस्करी, फिरौती और प्रॉपर्टी के मामलों में सक्रिय रहा। उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश और फिरौती जैसे 36 आपराधिक मामले दर्ज थे। हरियाणा पुलिस ने उसे मोस्ट वॉन्टेड अपराधी घोषित किया और उसकी गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा लेकिन वह कई सालों तक पुलिस से बचता रहा। वह खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताता था।
7 फरवरी 2016 को मुंबई के एयरपोर्ट मेट्रो होटल (अंधेरी के पास) में संदीप गडोली को गोली मार दी गई। हरियाणा पुलिस की टीम ने दावा किया कि वे उसे गिरफ्तार करने गए थे। पुलिस के मुताबिक, संदीप ने तकिए के नीचे से पिस्तौल निकालकर फायरिंग की तो जवाबी फायरिंग में वह मारा गया।
परिवार ने लगाया आरोप
हालांकि, गडोली के परिवार ने आरोप लगाया कि यह एनकाउंटर फर्जी था। मुंबई पुलिस ने जांच की और कहा कि यह स्टेज्ड एनकाउंटर था। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें हरियाणा पुलिस के सब-इंस्पेक्टर प्रद्युम्न यादव समेत पांच पुलिस वाले शामिल थे। साथ ही गडोली की गर्लफ्रेंड दिव्या पहूजा और उसकी मां सोनिया पहूजा भी आरोपी बनीं।
जांच में आरोप लगाया गया कि दिव्या पहूजा ने पुलिस को गडोली की लोकेशन बताई थी लेकिन आरोपी इस आरोप से इनकार करते हैं। वे कहते हैं कि पुलिस ने टेक्निकल मॉनीटरिंग के जरिए उसे ट्रैक किया और सही प्रक्रिया अपनाई थी।
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मामला कितना लंबा चला?
यह केस कई सालों से चल रहा है। 2023 में मुंबई हाईकोर्ट ने दिव्या पहूजा, दीपक और जितेंद्र समेत कुछ आरोपियों को जमानत दे दी। बाकी का ट्रायल चलता रहा। गडोली की मौत के बाद भी हिंसा जारी रही। 2016 में उसके भाई ब्रह्म प्रकाश ने बिंदर गुज्जर के भाई मनीष को मार डाला। बदला लेने का यह खेल लगातार चलता ही रहा।
2024 में एक और मोड़ सामने आया जब दिव्या पहूजा की खुद गुड़गांव के एक होटल में हत्या कर दी गई। वह उस वक्त जमानत पर बाहर आई थीं।