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'दूध-दही का खाना...' वाले हरियाणा में हार्ट अटैक से मर गए 18 हजार लोग

हरियाणा में 2020 से 2026 के बीच 18,000 युवाओं की मौत हार्ट अटैक से हुई। सरकार के पास फिलहाल इन मौतों का कोरोना या वैक्सीन से जुड़ा कोई डेटा उपलब्ध नहीं है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Freepik

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देशभर में पिछले कुछ साल में हार्ट अटैक के कारण होने वाली मौतों को अक्सर कोविड-19 से जोड़कर सवाल उठाए जाते हैं। ऐसे ही एक सवाल के जवाब में हरियाणा विधानसभा में बताया गया है कि पिछले 6 साल में हरियाणा के लगभग 18 हजार लोग हार्ट अटैक से मर गए। हैरानी की बात यह है कि 'दूध दही का खाना' के लिए मशहूर हरियाणा में हार्ट अटैक से मरने वाले इन लोगों की उम्र 18 से 45 साल के बीच थी। हरियाणा सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि इन मौतों का कोरोना या उसके वैक्सीन से कोई संबंध है या नहीं, इसकी जांच के लिए अभी तक कोई सर्वे या स्टडी नहीं कराई गई है।

 

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हर साल दिल का दौरा पड़ने से जान गंवाने वाले युवाओं की संख्या काफी अधिक रही है। साल 2020 में 2,394 मामले सामने आए थे, जो 2021 में बढ़कर 3,188 हो गए। इसके बाद 2022 में 2796, 2023 में 2886, 2024 में 3063 और 2025 में 3255 युवाओं की जान गई। साल 2026 के सिर्फ जनवरी महीने में ही 391 मौतें दर्ज की गई हैं, जिससे कुल मौतों का आंकड़ा 17,973 तक पहुंच गया है। अगर एक दिन के हिसाब से देखें तो हर दिन 8 लोगों की जान हार्ट अटैक से गई।

 

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अलग-अलग जिलों की रिपोर्ट

विभिन्न जिलों से मिली जानकारी के मुताबिक, यमुनानगर में मौतों की संख्या बाकी जगहों के मुताबिक काफी ज्यादा देखी गई है। जहां हर साल लगभग 375 से 460 के बीच मामले दर्ज हुए। इसके विपरीत रोहतक में यह संख्या काफी कम रही है और वहां सालाना सिर्फ 27 से 41 के बीच मौते हुई। वहीं गुरुग्राम में भी यह आकंड़ा हर साल लगभग 83 से 116 के बीच बना रहा, जो दिखाता है कि अलग-अलग जिलों में स्थिति अलग-अलग है।  

 

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अन्य राज्यों में भी बढ़ रहा है खतरा

हार्ट अटैक की यह समस्या सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। गुजरात में भी युवाओं में दिल का दौरा पड़ने के मामलों में काफी बढ़ोतरी देखी गई है, जहां पिछले कुछ सालों में आमतौर पर 15 से 20 प्रतिशत तक मामले बढ़े हैं। इसी तरह महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्यों में भी कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के आंकड़े डराने वाले हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश में पिछले तीन सालों में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में लगभग 12 प्रतिशत का बढ़ोतरी हुई है।

 

कोविड के लिए लगाई गई वैक्सीनों के चलते हार्ट अटैक आने के आरोपों पर भारत सरकार ने कई बार जवाब भी दिया है। हालांकि, इन जवाबों के बावजूद इस पर सवाल उठते रहे हैं। जुलाई 2025 में केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने ICMR और AIIMS की रिसर्च का हवाला देते हुए कहा था कि हार्ट अटैक का कोरोना की वैक्सीन से कोई लेना-देना नहीं है।

 

सरकार के मुताबिक,  19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 47 अस्पतालों में की गई स्टडी से यह पता चला कि कोरोना की वैक्सीन के चलते किसी कोई हार्ट अटैक का खतरा नहीं दिखा। इस स्टडी में ऐसे लोगों को लिया गया था जो पूरी तरह से ठीक थे लेकिन 2021 से 2023 के बीच अचानक उनकी मौत हो गई।

 


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