महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में रविवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे मुंबईवासियों ने जैसे ही बूंदों की फुहार महसूस की मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने राहत की सांस ली।
यह बारिश ऐसे समय में हुई है, जब मुंबई पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रही है। मानसून के देर से पहुंचने और शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली झीलों में जलस्तर घटने के कारण नगर प्रशासन पहले ही पानी के इस्तेमाल पर कई पाबंदियां लागू कर चुका है। ऐसे में बारिश ने लोगों के साथ-साथ प्रशासन की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं।
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कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच घाटकोपर स्थित रामाबाई म्युनिसिपल स्कूल में सबसे अधिक 24 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा चेंबूर फायर स्टेशन में 20 मिमी और मानखुर्द फायर स्टेशन में 16 मिमी बारिश हुई। सुबह 7 बजे से 8 बजे के बीच वर्ली सी-फेस म्युनिसिपल स्कूल और सावित्रीबाई फुले म्युनिसिपल स्कूल में 25-25 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, लोअर परेल के जी-साउथ वार्ड कार्यालय में 21 मिमी और वर्ली फायर स्टेशन में 17 मिमी बारिश हुई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। विभाग ने महाराष्ट्र के चंद्रपुर, रत्नागिरी, कोल्हापुर, भंडारा, गोंदिया और गढ़चिरौली जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
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जल संकट के कारण BMC ने लगाई पाबंदियां
मुंबई इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रही है। शहर की सात प्रमुख झीलों में पानी का स्तर सामान्य से कम है। इसे देखते हुए BMC ने औद्योगिक, व्यावसायिक और खेल परिसरों को मिलने वाली जल आपूर्ति में 20 प्रतिशत की कटौती कर दी है। इसके अलावा निर्माण स्थलों और स्विमिंग पूल को पानी की आपूर्ति बंद करने का फैसला लिया गया है। नई निर्माण परियोजनाओं के लिए फिलहाल पानी के नए कनेक्शन भी नहीं दिए जाएंगे। नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि पीने के पानी का उपयोग वाहन धोने, बगीचों की सिंचाई और सड़कों की सफाई जैसे कार्यों में न करें तथा इसके लिए वैकल्पिक जल स्रोतों का इस्तेमाल करें।