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AK-47 और रेड गैंग पर पुलिस का शिकंजा, दहशत फैलाने वाले 13 युवक गिरफ्तार

गोरखपुर में सोशल मीडिया पर AK-47 और रेड गैंग के नाम से वॉटस्ऐप ग्रुप बनाकर दबंगई और दहशत फैलाने वाले 13 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 

AK 47 Gang

एके 47 गैंग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। Photo Credit: Gorakhpur Police

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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सोशल मीडिया के जरिए गैंग बनाकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कैंपियरगंज क्षेत्र में AK-47 और रेड गैंग के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर धमकी भरे संदेश, हथियारों के साथ तस्वीरें और आक्रामक पोस्ट साझा करने वाले 13 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 

पुलिस का कहना है कि ये युवक सोशल मीडिया के जरिए इलाके में अपना दबदबा बनाने और लोगों में भय पैदा करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से AK-47 और रेड गैंग नाम के व्हाट्सएप ग्रुपों में लगातार आपत्तिजनक और उकसाने वाले पोस्ट डाले जा रहे थे। शिकायत मिलने के बाद कैंपियरगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सर्विलांस की मदद से महज दो दिनों के भीतर 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

18 से 30 साल के युवाओं ने बना रखे थे गैंग

जांच में सामने आया कि 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवकों ने AK-47, महाकाल और रेड समेत कई नामों से सोशल मीडिया ग्रुप बना रखे थे। इन ग्रुपों में विरोधियों को धमकाने, शक्ति प्रदर्शन करने और दबंगई दिखाने से जुड़े पोस्ट साझा किए जाते थे। एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम लगातार इनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

 

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गैंगवार के आरोपी कौन हैं?

गिरफ्तार आरोपियों में हरनाथपुर के प्रभाकर यादव, भरवलिया के ऋषिकेश साहनी, बसंतपुर टोला मनसा पुरवा के ऋषिकेश साहनी, गुलरिया टोला के विकास उर्फ छोटू, धर्मपुर टोला सिकंदरपुर के अनूप गुप्ता, भरवलिया के गुलशन साहनी, रामनगर केवटलिया के शेरू खान, रिंकू यादव, रितिक गुप्ता, गुलरिहा टोला लालपुर के शिवम शर्मा, महावनखोर के दीपांशु पासवान, हरनाथपुर के प्रतीक यादव और शवलहिया के नीरज पाल शामिल हैं।

टैटू और लाल बालों से होती थी पहचान

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि AK-47 गैंग के सदस्य अपने शरीर पर AK-47 का टैटू बनवाकर पहचान बनाते थे, जबकि रेड गैंग के सदस्य अपने बाल लाल रंग में रंगते थे। इससे पहले भी इस गिरोह से जुड़े 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह की शुरुआत महराजगंज निवासी महावीर ने की थी।

 

वर्ष 2025 में उसकी मौत के बाद नेतृत्व को लेकर विवाद हुआ और गिरोह दो हिस्सों में बंट गया। एक गुट ने खुद को AK-47 गैंग और दूसरे ने रेड गैंग नाम दे दिया। इसके बाद दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक पहुंच गई।

 

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छठ पूजा पर हुई थी हिंसक गैंगवार

पुलिस जांच के अनुसार 27 अक्टूबर 2025 को पीपीगंज क्षेत्र के अकटहवां में छठ पर्व के दौरान दोनों गैंग आमने-सामने आ गए थे। हॉकी, डंडे और लोहे की रॉड से मारपीट के साथ अवैध हथियारों से फायरिंग का भी आरोप लगा था। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

पुलिस बोली- किसी को नहीं बख्शेंगे

सीओ अनुराग सिंह ने बताया कि कुछ युवक सोशल मीडिया के माध्यम से कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और दहशत फैलाने का प्रयास कर रहे थे। शिकायतों के आधार पर पुलिस और सर्विलांस टीम ने कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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