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राम मंदिर के 'कारसेवक' कैसे बढ़ा रहे BJP की परेशानी? गबन कांड की पूरी कहानी

90 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के जितने नेता सक्रिय रहे, अब वह राम मंदिर में हुए गबन पर खफा हैं। बीजेपी के खिलाफ भी उनका गुस्सा झलक रहा है। पढ़ें रिपोर्ट।

Champat Rai

बृजभूषण शरण सिंह, चंपत राय और विनय कटियार। AI इमेज। Photo Credit: ChatGPT

अयोध्या राम मंदिर के बड़े चेहरों शुमार में रहे भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता विनय कटियार, राम मंदिर के दान में हुए गबन को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अधिकारियों से खफा हैं। उन्होंने दबी जुबान में सरकार और अपनी ही पार्टी के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर की है। ऐसा करने वालों में वह अकेले नहीं हैं, बाहुबली सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह भी कह चुके हैं कि वर डर की वजह से नहीं बोल रहे हैं, वे बहुत पावरफुल लोग हैं।

एक जमाने में राम मंदिर आंदोलन का चेहरा रहे विनय कटियार, इन दिनों तीर्थ ट्रस्ट पर भड़के हुए हैं। उनका कहना है कि राम मंदिर की देखरेख कर रहे ज्यादातर लोग चोर हैं, धांधली कर रहे है। बृजभूषण शरण सिंह तो इस हद तक नाराज हैं वह कुछ बोलने से भी कतरा रहे हैं। 

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अपनों ने बीजेपी को कैसे घेरा है?

राम मंदिर आंदोलन के सबसे बड़े चेहरों में शुमार रहे विनय कटियार चंपत राय और नृपेंद्र मिश्रा जैसे पदाधिकारियों के खिलाफ भड़के हुए हैं। उनका कहना है कि लोगों ने मंदिर के लिए बलिदान दिया है और लोग, मंदिर की संपदा ही चुरा रहे हैं। उन्होंने चंपत राय की भूमिका को  संदिग्ध बताया है।  

विनय कटियार, पूर्व सांसद, बीजेपी:-
लोगों ने इस मंदिर के लिए अपना जीवन बलिदान किया है। हमारे जैसे लोग, कल्याण सिंह सभी जेल गए। कल्याण सिंह ने मुख्यमंत्री पद से केवल इसलिए इस्तीफा दे दिया था कि मंदिर का निर्माण शुरू हो। और जितने हैं न, ये जितने इस समय हैं, सब चोर हैं, इनकी छुट्टी करो। इनकी छुट्टी कौन करेगा? कल या उससे पहले, विनय कटियार करेगा। उनकी छुट्टी हो जाएगी। 

विनय कटियार ने कहा, 'हम पक्का जाएंगे, अभी वहां एक पगला आ गया है, उसका क्या नाम है, गोपाल जी। उसको किसने भेजा। मैं बहुत दिनों बाद एक दिन अभी गया था। वह जितने हैं, सब यहां से भागेंगे। कल ही भगा देंगे, कल से लेकर परसों तक, जेल जाएंगे या भग जाएंगे। कितने साल का घोटाला है, क्या घोटाला है, डंडा चलेगा तो सब मालूम हो जाएगा।'

बृजभूषण शरण सिंह ने जब राम मंदिर के चोरी कांड पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने जो कहा, उस पर पार्टी और असहज हो गई। बृजभूषण भी राम मंदिर आंदोलन के शुरुआती दिनों के नेता रहे है। 

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बृजभूषण शरण सिंह, पूर्व सांसद, कैसरगंज:-
अगर मैं सच बोलूंगा तो बहुत चोट लगेगी और मैं विवाद में फंस जाऊंगा, क्योंकि वे लोग बहुत ताकतवर हैं। इसलिए डर के मारे मैं सच नहीं बोल रहा हूं।

क्यों BJP के अपने परेशान हैं?

बीजेपी पर विपक्षी हमले बढ़ते जा रहे हैं।  उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी मामले की गंभीरता स्वीकार की और कहा कि दोषी पाए जाने पर किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी प्रभावशाली लोगों का जिक्र करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से चिंता जताई।

कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?

SIT ने शनिवार को मंदिर के 2 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक लव कुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। राम मंदिर ट्रस्ट की आंतरिक ऑडिट में दान पेटियों से जुड़ी अनियमितताएं सामने आने के बाद यह पूरा मामला सुर्खियों में आया था।  

नृपेंद्र मिश्रा:-
मैं केवल निर्माण कार्य देखता हूं और कुछ नहीं।

अब क्या कवायद हो रही है?

उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में चोरी कांड को लेकर विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने इस फैसले का स्वागत किया है।  

अखिलेश यादव कैसे बढ़ा रहे हैं मुश्किलें?

अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी:-
⁠ट्रस्टी कहना क्या चाहते हैं किसी को समझ नहीं आ रहा है। ⁠हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लेने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टल और यूट्यूबर द्वारा प्रसारित की जा रही हैं। ⁠पहले पुलिस कुछ नहीं कहती लेकिन बाद में न जाने किसके दबाव में खंडन करती है। जनता के आक्रोश को देखकर ⁠पूरे देश के भाजपाइयों की घिग्घी बंध गई है। बीजेपी के संगी-साथी इस मसले की आपराधिक गतिविधि से पल्ला छुड़ाने के लिए सदैव की तरह भूमिगत हो गए हैं। 

अखिलेश यादव ने कहा, 'लखनऊ की सरकार ने अपने मुंह पर ताला लगा लिया है। ⁠दिल्ली की सरकार का ड्रोन और दूरबीन पता नहीं कहां हैं। इन अस्पष्टता भरे हालातों में विश्वभर में सनातनी समाज के बीच आशंकाएं और भी अधिक बलवती हो गईं हैं।'

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किन सवालों का जवाब चाहते हैं अखिलेश यादव?

  • कौन है इन सबके पीछे, जो देश की सनातनी आस्था से खिलवाड़ कर रहा है?
  • चढ़ावे में चोरी का पाप करनेवालों को कौन बचा रहा है?
  • इस अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और कितनी दूर तक जाते हैं?
  • कौन ऐसा अधर्मी है, जिसके हाथ में इस पूरे कांड की लगाम है?
  • इस घपले का सरगना कहां छिपा बैठा है?
  • इस घोटाले में किस-किस की हिस्सेदारी है?
  • इस कांड के खुलने के पीछे चोरी के पैसों के बंटवारे की लड़ाई मुख्य कारण है या कुछ प्रभावशाली लोगों की आपसी प्रतिस्पर्धा?
  • पैसे गिनने जैसे संवेदनशील कार्य में ट्रस्ट व सरकारी बैंक के बीच निजी कंपनियों का खेल किसने खेला और उसका छिपा मंसूबा क्या है?
  • CCTV का प्रमाण सार्वजनिक करके मामले की सच्चाई बताने में क्या परेशानी है?
  • ⁠डबल इंजन अब कहां हैं? ⁠डबल इंजन क्या सिर्फ डबल ईंधन का उपभोग करने के लिए हैं या उनकी कोई जिम्मेदारी भी है

अवधेश प्रसाद ने क्या कहा है?

फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने जांच पर शक जताया है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक न्यास के सभी मौजूदा सदस्यों को हटाया जाए, वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने मांग की है कि SIT जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के जज इस केस की पड़ताल करें।

UP सरकार की SIT में कौन शामिल है?

उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुरोध पर तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। न्यास की मांग है कि तथ्यों की जानकारी सार्वजनिक हो, राम मंदिर की छवि खराब कर रहे लोग कौन हैं, यह जाना चाहिए। SIT में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। 

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किन लोगों के नाम सामने आए हैं?

विनय कटियार के निशाने पर ट्रस्टी अनिल मिश्रा भी हैं। ट्रस्टी अनिल मिश्रा के रिश्तेदारों की नियुक्ति पर भी सवाल उठे हैं। रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव, को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। रमाशंकर की अयोध्या में 50 करोड़ रुपये की संपत्ति वाली जमीनें हैं, घर हैं। वह चंपत राय का करीबी बताए जाते हैं।

मनीष यादव, टिन्नू यादव के भतीजे हैं। वह भी दान की संपत्ति गिनने वाली टीम का हिस्सा हैं। केडी तिवारी दान में मिले जेवर और सोने चांदी का रिकॉर्ड रखते हैं, वह भी रडार पर हैं। 

राजेश पाठक भी निशाने पर हैं। वह खालेपुरवा के रहने वाले हैं, नोट गिनने वाली टीम का हिस्सा हैं। 6 साल में उनकी जिंदगी में काफी बदलाव देखे गए हैं। 

अनुकल्प मिश्रा ने भी 60 लाख की जमीन खरीदी है, वह भी काउंटिग टीम का हिस्सा है। लवकुश, फगौली में रहता है और कार मैकेनिक था। दान समिति में गया तो जिंदगी बदल गई। उसके घर से 10 लाख रुपये मिले। चंपत राय ने वीडियो बयान में कहा कि नियमित ऑडिट होते हैं और कोई अनियमितता नहीं है। 

चंपत राय का हाल क्या है?

मंदिर न्यास के सूत्रों के मुताबिक, महासचिव चंपत राय बीमार पड़ गए हैं। उनका शुगर लेवल अचानक बढ़ गया है और सर्दी-जुकाम की भी शिकायत है। अनिल मिश्रा, अपनी आंख की जांच कराने के लिए केरल चले गए हैं। 

आरोपी कौन हैं? एक नजर

कब की है घटना?

7 जून को मंदिर में चोरी की बात पता चली। एक कर्मचारी ने दान गिनते समय कैश का एक बंडल छिपाने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में यह कैद हो गया, उसने पुराने कांड भी गिना दिए। 9 जून को यह मामला सार्वजनिक हुआ, विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने चंपत राय को ही निशान पर लिया। 

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किन पर उठ रहे हैं सवाल?

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और परिसर प्रशासक गोपाल राव की भूमिका पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। आलोचक पूछ रहे हैं कि इतनी बड़ी अनियमितता होने के बावजूद अब तक FIR क्यों नहीं दर्ज की गई। 

कब से चल रहा है यह खेल?

पूर्व लेखाकार महिपाल सिंह ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि गबन 2020-21 से चल रहा था। उन्होंने 2021 में चंपत राय और गोपाल राव को सूचित किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और बाद में उन्हें हटा दिया गया। सोने-चांदी और आभूषणों के दान का भी सही लेखा-जोखा नहीं रखा जा रहा था। मार्च 2025-फरवरी 2026 के बीच ₹82 करोड़ के दान में से ₹54 करोड़ डिब्बी दान था, लेकिन आभूषण दान का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया।


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