10 साल बाद केरल की सत्ता में लौटी कांग्रेस ने चुनाव प्रचार को दौरान वादा किया था कि उसकी सरकार बनी तो महिलाओं के लिए बस यात्रा मुफ्त कर दी जाएगी। वादे के मुताबिक, वी डी सतीशन की अगुवाई वाली सरकार ने पहली कैबिनेट में इससे जुड़ा फैसला भी ले लिया है। इस 'प्रियदर्शिनी योजना' के तहत महिलाओं के साथ-साथ ट्रांसजेंडर्स यात्रियों को भी राज्य की सरकारी बसों में सफर करने के लिए पैसे नहीं देने होंगे। राज्य सरकार ने कहा है कि इस योजना के लिए जो पैसे खर्च होंगे, उनका वहन सरकार करेगी। एक अनुमान के मुताबिक, इस पर 800 करोड़ से ज्यादा का खर्च आएगा इसलिए केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) को कहा गया है कि वह कमाई के वैकल्पिक तरीके भी खोजे।
मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने गुरुवार को एलान किया कि यह योजना 15 जून से लोगू हो जाएगी और KSRTC की साधारण बसों में महिलाओं के लिए यात्रा फ्री होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए उम्र या आय की कोई सीमा नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया है कि इस योजना का लाभ देने के चलते KSRTC को जो नुकसान होगा, वह राज्य सरकार देगी। इस योजना के लिए हर साल KSRTC को 1500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
अभी के लिए यह सुविधा सामान्य बसों के लिए हो होगी औऱ 6 महीने बाद योजना की समीक्षा भी की जाएगी। राज्य सरकार ने KSRTC को यह भी कहा है कि वह अपनी कमाई बढ़ाने के दूसरे तरीके भी खोजे।
कितना होगा नुकसान?
अनुमान है कि महिलाओं के लिए बस यात्रा फ्री करने से हर महीने लगभग 65 से 70 करोड़ का नुकसान होगा। इसकी बड़ी वजह है कि केरल में बसों का नेटवर्क अच्छा है और हर दिन लगभग 60 लाख लोग बसों में यात्रा करते हैं। इनमें महिलाओं की संख्या अच्छी-खासी होती है। ऐसे में सालाना खर्च लगभग 800 से 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। केरल में 25 हजार से ज्यादा बसें चलती हैं जिनमें लगभग 6300 बसें KSRTC की हैं।
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इस नुकसान की भरपाई के लिए वह कमाई के अन्य स्रोत तलाशे। 6 महीने बाद यह देखा जाएगा कि उसने कैसे तरीके खोजे हैं और उनसे कितनी कमाई हो सकती है। इसमें विज्ञापनों के जरिए कमाई और प्राइवेट बुकिंग जैसे तरीके शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अगर इतनी बड़ी राशि जुटाने के लिए वैकल्पिक तरीके कारगर नहीं होते हैं तो यह पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे केरल पर और कर्ज लाद देगा।
कितना है केरल का कर्ज?
हाल ही में सत्ता संभालने वाले वीडी सतीशन ने 4 जून को जानकारी दी थी कि केरल का कुल कर्ज 5.07 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाए कि उसने वित्तीय प्रबंधन खराब किया। केरल में कुल सरकारी कमाई का 77 प्रतिशत हिस्सा वेतन, पेंशन और ब्याज चुकाने में ही खर्च हो जाता है। राज्य में पूजीगत खर्च स्टेट जीडीपी का सिर्फ 1.3 प्रतिशत है।
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ऐसे में केरल की नई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। कांग्रेस ने महिलाओं को पैसे देने, फ्री मेडिकल इंश्योरेंस देने और मुफ्त बस यात्रा जैसे वादे किए हैं जो राज्य की आर्थिक स्थिति पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में राज्य को कमाई बढ़ाने और कमाई के नए स्रोत खोजने पर भी ध्यान देना होगा।