नोएडा में घना कोहरा, एक 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनीयर युवराज मेहता की जान निगल गया। घने कोहरे की वजह से उनकी कार दलदल में गिर गई थी, करीब 80 मिनट तक वह जिंदगी और मौत से जूझता रहा, मरने से पहले पिता को फोन किया और गुहार लगाई कि जान बचा लो, मरना नहीं चाहता। कार समेत वह नाले के पानी में समा गए। यह दलदल करीब 30 फीट गहरा था, जिससे वह बाहर ही नहीं निकल पाए।
युवराज की कार जब दलदल में धंस रही थी तो वह किसी तरह कूदकर कार से बाहर निकले और ऊपर चढ़ गए, पिता को फोन कर पूरी बात बताई। उन्होंने डायल 112 पर फोन भी किया। पिता जब मौके पर पहुंचे तब तक देर हो चुकी थी। स्थानीय पुलिस और दमकलकर्मी भी मौके पर पहुंचे। युवराज के पिता और रेस्क्यू टीम उन्हें ढूंढ ही नहीं पाई। घना कोहरा था लोग ढूंढने में नाकामयाब हो रहे थे।
हादसे की सबसे डरावनी बात यह है कि वह अपने पिता के सामने जान बचाने की गुहार लगाता रहे, उन्हें उनके पिता देख ही नहीं पाए। कार के साथ वह डूब गए। कई घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला और लाश बरामद हुई। शुक्रवार को हुए इस हादसे के बाद कई लोगों को सवाल उठ रहे हैं।
ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा:-
यह एक दुखद घटना है। हम दुखी परिवार के साथ हैं। हमने उसकी जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश की और पूरे प्रयास किए। SDRF भी मौके पर थी, लेकिन विजिबिलिटी बिल्कुल नहीं थी। परिवार की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नोएडा प्राधीकरण ने क्या कार्रवाई की?
नोएडा अथॉरिटी ने कहा है कि ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी गई हैं। सेक्टर-150 में ट्रैफिक से जुड़े काम के लिए जिम्मेदार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। CEO ने संबंधित विभागों को लोटस बिल्डर के आवंटन और निर्माण कार्य पर एक रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया है।
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कैसे हादसा हुआ?
बात 16 जनवरी की है। रात करीब 12 बजे युवराज, अपनी कार के नोएडा के सेक्टर 150 टाटा यूरिका पार्ट की ओर जा रहे थे। सामने एक यू टर्न था। घना कोहरा था, उन्हें आगे कुछ दिखा नहीं, उनकी कार नाले को तोड़ते हुए पानी से भरे एक प्लॉट के गड्ढे में गिर गई। यहां मॉल के बेसमेंट के लिए एक गड्ढा खोदा गया था।
युवराज डूबती कार से बाहर निकलकर कार की छत पर चढ़ गए। रात में 12.20 पर उन्होंने अपने पिता को फोन किया, हादसे के बारे में बताया। पिता ने 112 पर फोन किया, एसडीआरएफ की टीम भी 1.15 तक पहुंची लेकिन तब तक देर हो चुकी थी, वह नाली में डूब चुके थे।
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हादसे वाली जगह पर गिराया गया मलबा
हादस के बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। यहां पहले भी हादसे होते रहे हैं। बिल्डिंग अथॉरिटी को कई बार यहां रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं लेकिन यहां कोई भी पहल नहीं की गई। अब यहां मलबा गिरा दिया गया है, जिसे लेकर प्रशासन की किरकिरी हो रही है।
2 बिल्डरों पर दर्ज हुआ केस
जिस प्लॉट पर हादसा हुआ है वह एससी-2 सेक्टर 150 के तहत आता है। यहीं बेसमेंट के लिए जमीन खोदी गई थी, जो दलदल में बदल चुकी है। पुलिस ने राजकुमार मेहता की शिकायत पर दो बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज की है। एमजे विशटाउन प्लानर लिमिटेड और लोट्स ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड पर केस हुआ है।