पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ है। रेलवे गेट के पास एक ट्रेन की टक्कर से गाड़ी में सवार दो स्कूली छात्र समेत 3 लोगों की मौत हो गई। पूर्वी रेलवे के अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना सुबह करीब 7 बजे हुई है। यह रेलवे गेट, कर्ण सुबर्ण रेलवे स्टेशन के नजदीक हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि कटवा से लगभग 48 किलोमीटर दूर कर्ण सुबर्ण स्टेशन के पास एंट्री गेट पर स्कूली बच्चों को ले जा रही कार रेल पटरी पार कर रही थी। एक लोकल ट्रेन ने गाड़ी को टक्कर मार दी।
घटना की जांच के लिए 10 सदस्यीय टीम को घटनास्थल भेजा गया है। हादसे के वक्त रेलवे का गेट खुला था। हादसे के बाद पूर्वी रेलवे के हावड़ा मंडल के अजीमगंज-कटवा खंड में ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं हैं।
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कैसे हुआ हादसा?
एक स्कूल वैन और एक साइकिल सवार को लोकल ट्रेन ने टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में तीन स्कूली बच्चे और एक साइकिल सवार की मौत हो गई। चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसा गोबिंदपुर रेलवे गेट के पास कर्ण सुबर्ण स्टेशन के करीब हुआ। हावड़ा जाने वाली नबद्वीप धाम एक्सप्रेस ट्रेन के गुजरने के तुरंत बाद यह घटना हुई।
लोग क्या कह रहे हैं?
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक्सप्रेस ट्रेन के गुजरने के बाद गेट खोल दिया गया, जबकि अगली ट्रेन आने वाली थी। स्कूल वैन में सवार बच्चे गोबिंदपुर गांव के थे। वैन ड्राइवर ने गेट खुला देखकर ट्रैक पार करने की कोशिश की। उसी समय एक साइकिल सवार भी ट्रैक पार कर रहा था। तभी तेज रफ्तार से आ रही लोकल ट्रेन ने वैन को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में जान गंवाने वाले लोग कौन हैं?
टक्कर इतनी तेज थी कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और ट्रैक के किनारे फेंक दी गई। तीन छात्र और 50 वर्षीय साइकिल सवार जमशेद शेख मौके पर ही खत्म हो गए। वैन के अंदर फंसे बच्चों की चीखें सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े। पुलिस भी पहुंची और घायलों को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
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जिम्मेदार कौन?
स्थानीय लोगों ने रेलवे गेटमैन की लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस ट्रेन के बाद गेट खोल दिया गया, लेकिन सिग्नल सिस्टम ठीक से काम नहीं किया। लोग पूछ रहे हैं कि दूसरी ट्रेन आने वाली थी तो गेट क्यों खुला रखा गया।
रेलवे ने क्या कदम उठाया है?
रेलवे अधिकारियों ने इस मामले में उच्च स्तर की जांच शुरू कर दी है। एक चार सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंच रही है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ट्रैक जाम कर दिया, जिससे आजिमगंज-कटवा सेक्शन में ट्रेन आवाजाही प्रभावित हुई है।