हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की भर्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर युवा आयोग के दफतर के बाहर पंचकूला में प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र 35 प्रतिशत न्यूनतम नंबरों की नीति, एचटेट घोटाले समेत प्रदेश की यूनिवर्सिटी में खाली पड़े पदों के मुद्दे को उठा रहे हैं। इन सब मांगों पर आयोग और युवाओं के बीच वार्ता भी हो रही है। इस बीच HPSC के चेयरमैन आलोक वर्मा पर युवाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने आरोप लगाया कि जब वे HPSC चेयरमैन से मिले तो उन्होंने कहा कि हरियाणा की यूनिवर्सिटीज ने आपको इस लेवल का तैयार नहीं किया है।
छात्र हरियाणा में अंग्रेजी के प्रोफेसरों की भर्ती परीक्षा में एसकेटी परीक्षा में 35 प्रतिशत न्यूनतम क्राइटेरिया के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस क्राइटेरिया के कारण 613 पदों के लिए ली गई परीक्षा में 151 उम्मीदवारों को ही सफल घोषित किया गया था। NET की परीक्षा में टॉप करने वाले उम्मीदवार और कई बार NET क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों को भी इस परीक्षा में असफल घोषित कर दिया गया। अब छात्र इस क्राइटेरिया को लेकर सवाल कर रहे हैं और इसे हटाने की मांग कर रहे हैं। पिछले आठ दिनों से युवा पंचकूला में धरने पर बैठे हैं।
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समझिए पूरा विवाद
HPSC ने इंग्लिश सब्जेक्ट के 613 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन रिलीज किया था। इस भर्ती के लिए 17 अगस्त को आयोजित किए गए सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट के रिजल्ट को लेकर बवाल हो रहा है। 2 दिसंबर को HPSC ने रिजल्ट जारी किया। इस रिजल्ट के अनुसार, 2143 उम्मीदवारों में से सिर्फ 151 उम्मीदवार ही पास हो सके। HPSC ने 35 प्रतिशत न्यूनतम नंबरों की शर्त रखी थी और यह शर्त सिर्फ 151 युवा ही पूरी कर पाए।
रिजल्ट के अनुसार, कुल उम्मीदवारों में से 10 प्रतिशत उम्मीदवार भी इसमें पास नहीं हुए। अगर रिजल्ट में बदलाव नहीं किया जाता तो 75 प्रतिशत सीटें खाली ही रह जाएंगी। इस भर्ती के अगले चरण में अभी इंटरव्यू भी होना है। इंटरव्यू के लिए 1226 उम्मीदवारों को बुलाया जाना था लेकिन अब सिर्फ 151 उम्मीदवार ही इंटरव्यू दे पाएंगे।
आयोग के चेयरमैन पर लगे आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आयोग के चेयरमैन आलोक वर्मा से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद छात्रों ने चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगाए। हरियाणा तक से बात करते हुए एक छात्रा ने कहा ,'जब हम चेयरमैन से मिलते हैं तो हमें कहा जाता है कि आप काबिल नहीं हैं। आप इस लायक नहीं हैं कि आपको नौकरी दी जाए।' अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि चेयरमैन ने उनसे कहा कि हरियाणा की यूनिवर्सिटी ने आपको इस लेवल का तैयार नहीं किया है।
चेयरमैन आलोक वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा, 'आप स्वीकार किजिए कि आप फेलियर हैं। आपको ढंग से पढ़ाया नहीं गया है। आपको लिखना नहीं सिखाया गया है। हरियाणा की यूनिवर्सिटीज ने आपको इस लेवल का तैयार नहीं किया है।'
कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा
इस मामले में अब कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने आयोग के चेयरमैन आलोक शर्मा समेत बीजेपी सरकार पर भी हमला बोला है। रणदीप सुरजेवाला ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखा जिसमें उन्होंने युवाओं के बयानों को लिखा। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'बीजेपी सरकार और HPSC के मुताबिक हरियाणा के युवा नालायक हैं और पढ़ाने योग्य ही नहीं हैं। यह नायब सैनी सरकार और HPSC के चेयरमैन आलोक वर्मा की इस सोच का हिस्सा है कि हरियाणा के नौजवान न पढ़े-लिखे हैं, न काबिल हैं और न नौकरी के लायक हैं। '