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'फोन टेप होता है, मैं आत्मदाह करूंगा', हल्द्वानी के विधायक के बयान से मची खलबली

कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने उत्तराखंड में फोन टेपिंग का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह खुद को आग लगाकर जान दे देंगे। उनका कहना है कि उन्हें अपनी पत्नी और बेटी की बहुत चिंता है।

मीडिया के बीच अपनी बात रखते विधायक सुमित हृदयेश

मीडिया के बीच अपनी बात रखते विधायक सुमित हृदयेश, Photo Credit: Social Media

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उत्तराखंड की हल्द्वानी विधानसभा से कांग्रेस के विधायक सुमित हृदयेश अचानक चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि राज्य में एक हैकिंग गिरोह चल रहा है जो नेताओं के फोन टैप और हैक कर रहा है। उन्होंने चिंता जताई है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल  करके उन्हें फंसाया जा सकता है या उनके परिवार के लोगों को बदनाम किया जा सकता है। सुमित हृदयेश का कहना है कि उनकी हत्या भी करवाई जा सकती है। उनका कहना है कि अब वह गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह का प्रयास नहीं आत्मदाह करेंगे।

  

सुमित हृदयेश का कहना है कि सिर्फ वह नहीं बल्कि इस गिरोह के निशाने पर उत्तराखंड और देश के कई नेता हो सकते हैं। उन्हेंने यह भी कहा है कि यह ऐसा अंतरराष्ट्रीय गिरोह है जो बहुत बड़े लेवल का खेल खेल रहा है। उन्होंने अपनी पार्टी के बड़े नेताओं जैसे कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और पार्टी की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह का नाम लेते हुए कहा कि अगर यह जानकारी मिल जाए कि वे किससे और क्या बात कर रहे हैं तो चुनाव के समय चालें चली जा सकती हैं।

 

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'एक साल बाद भी नहीं हुई कार्रवाई'

विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि उन्होंने अपना फोन चेक करने के लिए के लिए दो लोगों को दिया था। उन लोगों ने फोन हैक होने की आशंका से इनकार किया था लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि वे दोनों खुद इस मामले में संलिप्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साल 24 अप्रैल को उन्होंने इस संबंध में दोनों लोगों के खिलाफ पुलिस में नामजद शिकायत दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने कहा कि उन्हें अपनी पत्नी और 15 वर्षीय बेटी की चिंता है, क्योंकि यह गिरोह बिना किसी भय के सक्रियता से काम कर रहा है।

 

 

 

उन्होंने धमकी दी कि वह इसके विरोध में गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करेंगे। हृदयेश ने कहा, ‘मैं आत्मदाह का प्रयास नहीं, बल्कि आत्मदाह करूंगा। हर हाल में करूंगा। अपने लिए नहीं करूंगा, लोकतंत्र के लिए करूंगा। अगर निजता नहीं है, तो बचा ही क्या है।’ हालांकि, उन्होंने इस संबंध में किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया और कहा कि यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई होगी तो जांच में सब पता चल जाएगा इसमें राज्य सरकार की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर भी उन्होंने कहा कि वह नहीं मानते कि राज्य ऐसी चीजें करता है। 

 

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अपनी जान को खतरा बता रहे सुमित हृदयेश 

 

हृदयेश ने यह भी कहा कि इस मामले को सार्वजनिक करने से उनकी जिंदगी पर बहुत बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भी ह्रदयेश की ओर से उठाई गई बातों को बेहद चिंताजनक बताया है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों के सामने संगठित गिरोह किस प्रकार की असहज और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां उत्पन्न कर सकते हैं, इसकी आशंका उन्होंने व्यक्त की है। साथ ही, ऐसे गिरोहों को प्राप्त संरक्षण की ओर भी उन्होंने संकेत किया है। उनकी प्रेस वार्ता का विस्तृत विवरण सुनने के बाद मैं बेहद चिंतित हूं।

 

हरीश रावत ने ह्रदयेश से पूरे धैर्य, साहस और संयम के साथ इस परिस्थिति का सामना करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘इस कठिन समय में हम सब उनके साथ खड़े हैं और हर परिस्थिति में उनके साथ रहेंगे।’

 


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