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बिहार के गंगौर में कर्ज चुकाने के लिए मामा ने भांजे को 1.80 लाख रुपये में बेचा

बिहार के बेगूसराय जिले में कर्ज चुकाने के लिए मामा ने अपने ही भांजे को बेच दिया। उसने 40 दिन के मासूम भांजे को 1.80 लाख में बेचा। हालांकि पुलिस ने चुस्ती से काम करते हुए आरोपी को 12 घंटे में बरामद कर लिया।

बच्चा बचने का AI Generated तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit- ChatGPT

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बिहार के बेगूसराय के गंगौर में मामा द्वारा अपने 40 दिन के मासूम भांजे को बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मामा ने पैसों के लिए बच्चे को 1 लाख 80 हजार रुपये में बेच दिया। वह भांजे को कपड़े दिलाने के बहाने बाहर ले गया था। घर से बाहर निकलते ही उसने अपना फोन बंद कर लिया और फरार हो गया। जब काफी देर तक वह नहीं लौटा तो परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी। एसपी के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया और सिर्फ 12 घंटे में मामा-भांजे समेत बच्चे को खरीदने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें बिचौलिया और बच्चा खरीदने वाली महिला शामिल हैं।

 

आरोपी मामा की पहचान रामाशीष पासवान के रूप में हुई है। वह एक सप्ताह पहले ही बेगूसराय स्थित अपने गांव आया था। रामाशीष दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। 18 अक्टूबर को वह अपनी बहन के ससुराल लाभगांव पहुंचा। 40 दिन पहले उसकी बहन को एक बच्चा हुआ था। कपड़े खरीदने का बहाना बनाकर वह भांजे को लेकर निकला। देर होने पर परिवार वालों ने उसे फोन किया, लेकिन उसने अपना फोन बंद कर लिया।

बच्चे की तलाश के लिए SIT गठित

परेशान परिवार वाले गंगौर थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष श्याम सुंदर पासवान को पूरी घटना की जानकारी दी। बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष ने तत्काल इस मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक पुष्कर आनंद को दी। एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया। SIT ने सबसे पहले मामा के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन बेगूसराय जिले के बखरी थाना क्षेत्र में मिली। पुलिस टीम तुरंत बखरी पहुंची और रामाशीष को हिरासत में ले लिया।

 

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पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की

शुरू में रामाशीष पुलिस को गुमराह करने लगा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच उगल दिया। उसने बताया कि उसने बच्चे को शिवम महतो नामक व्यक्ति के हाथों 1 लाख 80 हजार रुपये में बेच दिया है। रामाशीष के बयान पर पुलिस ने बिचौलिये शिवम महतो को बरौनी थाना क्षेत्र के आसपास से गिरफ्तार किया। शिवम ने बताया कि उसने बच्चे को शबनम झा नामक महिला को बेचा है। इसके बाद पुलिस ने शबनम को भी गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से 40 दिन के मासूम को सकुशल बरामद कर लिया।

 

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर गंगौर थाना लाया। मासूम को परिजनों को सौंप दिया गया। बच्चे को सकुशल देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली। थानाध्यक्ष ने बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इस पूरे सौदे में और कौन-कौन शामिल है, इसकी जांच की जा रही है।

 

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कर्ज को बताया वजह

पुलिस के मुताबिक, आरोपी मामा रामाशीष ने भांजे को बेचने की वजह कर्ज बताया। वह दिल्ली से गांव इसी मकसद से आया था। उसने पहले से ही बिचौलिये से बात कर रखी थी। जैसे ही उसे मौका मिला, वह बच्चे को लेकर फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि शबनम झा निसंतान है और उसे बच्चा चाहिए था। इसी कारण उसने पैसे देकर बच्चा खरीदा। हालांकि, पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह कोई बड़ा बच्चा चोरी और तस्करी का गिरोह तो नहीं है।


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