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नवादा में चल रही थी मिनी गन फैक्ट्री, 8 पिस्टल और 20 कारतूस समेत कई सामान बरामद

बिहार के नवादा में पुलिस और STF की टीम ने एक अवैध हथियारों की मिनी फैक्ट्री का खुलासा किया है। घर के अंदर चले रहे इस फैक्ट्री से पुलिस ने 8 पिस्टल, 20 कारतूस और 3 देशी कट्टा बरामद किए हैं।

पुलिस और STF द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने की AI Generated तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit- ChatGPT

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बिहार के नवादा में पुलिस और एसटीएफ की टीम ने अवैध हथियार बनाने वाली मिनी फैक्ट्री का खुलासा किया है। यह फैक्ट्री नारदीगंज थाना क्षेत्र के बनगंगा गांव के एक घर में चल रही थी। कल यानी 22 अक्टूबर को सुबह पुलिस छापेमारी कर यह खुलासा किया। इस दौरान पुलिस को 5 आधे बने पिस्टल, 3 देशी कट्टे, 12 बैरल और 20 कारतूस मिले। इसके अलावा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली ड्रिल मशीन, ग्राइंडर और कई दूसरे उपकरण भी मिले हैं। पुलिस ने मौके से दिलीप विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है जबकि उसका पिता विनेश विश्वकर्मा उर्फ बिंदी मिस्त्री फरार हो गया।

 

पुलिस के मुताबिक, दिलीप और उसका पिता पिछले दो साल से घर में ही अवैध हथियार बना रहे थे। पूछताछ में दिलीप ने बताया कि एक पिस्टल बनाने में करीब 3 से 4 हजार रुपये खर्च होते थे। इसे 15 से 20 हजार रुपये में बेचा जाता था। हथियारों की सप्लाई नवादा के अलावा नालंदा, गया, शेखपुरा और जमुई में भी की जाती थी। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों ने अब तक कितने हथियार बनाए और किन लोगों को बेचे हैं।

घर में चल रही थी हथियार बनाने की फैक्ट्री

नारदीगंज थाना क्षेत्र के बनगंगा गांव के एक घर के अंदर हथियार बनाने की फैक्ट्री चलाई जा रही थी। पुलिस के अनुसार, 22 अक्टूबर की सुबह करीब 8 बजे बनगंगा गांव में अवैध हथियार बनाने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर नारदीगंज पुलिस और एसटीएफ की टीम ने आरोपी के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर के अलग-अलग कमरों से हथियार और उन्हें बनाने के उपकरण मिले। इस दौरान को पुलिस को लोहे के औजार भी मिले। 

 

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पुलिस को क्या-क्या मिला?

छापेमारी में पुलिस को 5 आधे बने पिस्टल, 3 देशी कट्टे, 12 बैरल और 20 कारतूस मिले। इसके अलावा ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, हथौड़ा, रेती, लोहे के औजार, स्प्रिंग और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी बरामद किया गया। पुलिस ने सभी सामान जब्त कर लिया है।


पुलिस ने दिलीप विश्वकर्मा को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके पिता विनेश विश्वकर्मा उर्फ बिंदी मिस्त्री फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, बिंदी मिस्त्री पहले भी अवैध हथियार बनाने के कई मामलों में वांछित रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

'चुनाव के समय बढ़ जाती थी हथियारों की मांग'

आरोपी दिलीप विश्वकर्मा के मुताबिक, चुनाव के समय हथियारों की मांग बढ़ जाती थी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी दिलीप ने कहा कि, 'वह और उसका पिता मिलकर पिछले दो साल से घर में ही हथियार बना रहे थे। एक पिस्टल बनाने में करीब 3 से 4 हजार रुपये का खर्च आता था और वे इसे 15 से 20 हजार रुपये में बेचते थे। उनके ग्राहक नवादा के अलावा नालंदा, गया, शेखपुरा और जमुई जिले के अपराधी थे।'

 

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पुलिस ने क्या कहा?

एसपी ने कहा कि, 'अवैध हथियारों के खिलाफ जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत यह कार्रवाई की गई है। बनगंगा गांव में मिनी फैक्ट्री का संचालन लंबे समय से हो रहा था। स्थानीय लोगों को भी इसकी भनक नहीं थी। आरोपी घर के अंदर ही चोरी-छुपे हथियार बनाते थे और रात के अंधेरे में सप्लाई करते थे। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस फैक्ट्री से अब तक कितने हथियार बनाए और बेचे गए हैं। मामले में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।'


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