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बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने वाले IPS सुंदरराज NIA में बन गए IG

केंद्र सरकार ने सुंदरराज पी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया है। उन्होंने 12 साल तक नक्सल विरोधी अभियानों में बतौर IPS अधिकारी काम किया था।

 Sundarraj

सुंदरराज, Photo Credit- Gemini

केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी सुंदरराज पी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल नियुक्त किया है। सुंदरराज पिछले कई साल से छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए शानदार काम कर रहे थे। उनके इसी उल्लेखनीय काम को देखते हुए अब सुंदरराज को इंस्पेक्टर जनरल नियुक्त किया गया है।

 

इस डेपुटेशन की जानकारी गृह मंत्रालय ने 16 जून को छत्तीसगढ़ सरकार को दी थी। गृह मंत्रालय ने नियुक्ति के लिए एक लेटर छत्तीसगढ़ सरकार को भेजा था। लैटर में राज्य सरकार को सलाह दी गई कि वह आईपीएस अधिकारी को वर्तमान जिम्मेदारियों से मुक्त करे, ताकि सुंदरराज जल्द से जल्द नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी में अपना पद संभाल सकें।

 

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कौन हैं सुंदरराज?

सुंदरराज पी 2003 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी हैं, जिन्होंने भारत सरकार के नक्सल विरोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाई है। सुंदरराज पिछले 12 साल तक छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने बस्तर रेंज में सात साल तक पुलिस महानिरीक्षक (IG) के तौर पर काम किया। जानकारी के लिए बता दें कि दक्षिण छत्तीसगढ़ के सात जिले बस्तर रेंज में शामिल हैं, जिसे देश में नक्सल हिंसा का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।

 

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सुंदरराज ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में बस्तर रेंज में कई ऐसे अभियान चलाए, जिनसे नक्सलवाद कमजोर हुआ। इसके अलावा उन्होंने बस्तर के आदिवासियों का भरोसा भी जीता, जिसके जरिए कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा मिला और लोगों ने नक्सल विरोधी अभियानों में पुलिस का साथ दिया।

एग्रीकल्चर से जांच एजेंसी तक का सफर

सुंदरराज मूल रूप से तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले हैं। उनका जन्म 27 फरवरी 1980 को हुआ था। इस हिसाब से उनकी उम्र 46 साल है। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा स्थानीय स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने बीएससी एग्रीकल्चर में ग्रेजुएशन किया।

 

डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और वर्ष 2003 में सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बने। अधिकारी बनने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ में आईजी के तौर पर सराहनीय काम किए, जिसके बदौलत आज उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।

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