बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था जल्द ही एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। राज्य के छह प्रमुख शहरों में आधुनिक, वातानुकूलित और पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू होने वाला है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार को कुल 400 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें मिलने जा रही हैं, जिससे लाखों यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और प्रदूषण-मुक्त सफर की सुविधा मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राजधानी पटना को सबसे बड़ा हिस्सा मिलेगा, जहां 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी, जबकि गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया में 50-50 बसों का परिचालन होगा।
इस योजना को सफल बनाने के लिए राज्य पथ परिवहन निगम, परिवहन विभाग और ग्रीनसेल मोबिलिटी के बीच एग्रीमेंट होगा। इस दौरान परिवहन मंत्री दामोदर रावत, परिवहन सचिव राज कुमार और राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन समेत कई अधिकारी मौजूद रहेंगे। परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राज्य में 400 एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इन बसों में यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही, इन बसों के संचालन से डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी।
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जुलाई से शुरू होगा परिचालन
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने इलेक्ट्रिक बसों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। पहले चरण में जुलाई से नौ मीटर लंबाई वाली 200 बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा। इन बसों को विभिन्न शहरी मार्गों पर चलाया जाएगा, जिससे दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
योजना की सबसे खास पहल महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर है। पहले चरण में मिलने वाली 200 बसों में से 50 बसों को विशेष रूप से पिंक बस के रूप में संचालित किया जाएगा। इन बसों का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन में भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें यात्रा के दौरान बेहतर सुरक्षा का एहसास होगा।
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यात्रियों को मिलेगा आधुनिक सुविधाओं का लाभ
राजधानी पटना में 150 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन से शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में भी यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को कम शोर, बेहतर सफर और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के बड़े पैमाने पर परिचालन से बिहार स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा, ईंधन पर खर्च घटेगा और शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। राज्य सरकार की यह पहल न केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि बिहार के शहरों को स्मार्ट और प्रदूषण-मुक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।