logo

मूड

ट्रेंडिंग:

डिलिवरी बॉय का पर्दाफाश, असली गैजेट बदलकर पहुंचाता था नकली सामान, पकड़ा गया

बिहार के एक फ्लिपकार्ट डिलिवरी बॉय के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जो पार्सल से असली गैजेट निकालकर उसकी जगह नकली गैजेट डिलिवर करते थे। इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Delivery boy

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Gemini

शेयर करें

google_follow_us

बिहार के रोहतास जिले में ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामानों की डिलिवरी से पहले ही उनकी अदला-बदली कर देता था। इससे न सिर्फ ग्राहकों बल्कि कंपनी को भी चूना लग रहा था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मुख्य सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और उपकरण बरामद किए हैं।

 

इस मामले की जानकारी डेहरी के एएसपी अतुलेश झा ने रविवार को प्रेस रिलीज के माध्यम से दी। एएसपी ने बताया कि गिरोह पूरी प्लानिंग के तहत काम करता था। इस मामले के दो आरोपी फ्लिपकार्ट कंपनी में डिलिवरी बॉय के रूप में काम करते थे। इनमें एक आरोपी पार्सल की डुप्लीकेट पैकिंग तैयार करता था, जबकि दूसरा सीलिंग का काम करता था। ये लोग महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान वाले पार्सलों से असली सामान निकाल लेते थे और उसकी जगह नकली या कम कीमत का सामान पैक कर देते थे।

 

यह भी पढ़ें: अपने पति से अफेयर का शक था, महिला ने पड़ोसन की 5 साल की बेटी को मार डाला

 

पहले आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस के सामने पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि इस काम के लिए उन्हें हर महीने करीब 40 हजार रुपये तक भुगतान किया जाता था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी पांच आरोपी समस्तीपुर जिले के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों में सत्यकाम उर्फ किशु (21), अमर राजा, प्रदीप कुमार प्रिंस, चंदन कुमार और हर्षल कुमार शामिल हैं।

 

जांच से दबोचे गए मास्टरमाइंड

 

गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गिरोह की जांच शुरू की। इसमें सबसे पहले कथित मुख्य संचालक सत्यकाम उर्फ किशु और अमर राजा की तलाश शुरू की गई। डेहरी नगर थाना की स्पेशल टीम और डीआईयू ने तकनीकी जांच के जरिए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का मानना है कि यही दोनों पूरे सिंडिकेट का संचालन कर रहे थे, जो सामान की खरीद, अदला-बदली और बिक्री की व्यवस्था संभालते थे।

 

यह भी पढ़ें: AIIMS अस्पताल में नर्स ने लगाया गलत इंजेक्शन, 3 साल के बच्चे की हुई मौत

बरामदगी देख पुलिस भी हुई हैरान

 

पुलिस ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और पैकिंग सामग्री बरामद की। जब्त सामानों में एक कार, सोनी का कैमरा, दो लैपटॉप, तीन गो-प्रो कैमरे, सात मोबाइल फोन, तीन एप्पल हेडफोन, पांच ईयरबड्स, छह स्मार्ट वॉच, 15 बॉडी कैमरे, 14 मोबाइल चार्जर व डाटा केबल, प्लास्टिक सीलिंग मशीन और सीलिंग रोल शामिल हैं। इसके अलावा दो हार्ड एयर गन भी बरामद की गई हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

ऑनलाइन खरीदारी करने वालों के लिए सबक

 

इस खुलासे ने एक बार फिर ऑनलाइन शॉपिंग में सतर्कता बरतने का संदेश दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों को डिलिवरी लेते समय पैकेट की सील, वजन और ओपन बॉक्स डिलिवरी जैसी सुविधाओं का उपयोग करना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की हेराफेरी की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सके।

 

यह भी पढ़ें: IG का दो दारोगाओं के खिलाफ एक्शन, एक दारोगा किया बर्खास्त, दूसरे को मिली सजा

 

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने पार्सलों में हेराफेरी की है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क का दायरा बिहार के बाहर तक फैला हुआ था या नहीं। जांच आगे बढ़ने के साथ और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


और पढ़ें