राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह खोह नागोरियान क्षेत्र की आयशा नगर तलई कॉलोनी में स्थित एक अवैध पटाखा गोदाम में हुए विस्फोट हुआ। जिसके बाद लगी भीषण आग में सात लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
प्रशासन के मुताबिक, जिस मकान में आग लगी वहां बड़ी मात्रा में पटाखे और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी गई थी। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि विस्फोट के बाद आग तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
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धमाके के बाद मची भगदड़
चश्मदीदों के अनुसार, सुबह अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। इसके तुरंत बाद आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। गोदाम में मौजूद मजदूर जान बचाने के लिए बाहर भागे लेकिन कुछ लोग अंदर ही फंस गए। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए कई लोगों को बाहर निकाला और आग बुझाने की कोशिश की। कुछ घायल लोग सड़क पर गिर पड़े, जबकि कई दर्द से कराहते हुए दिखाई दिए। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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अस्पताल में सात लोगों ने तोड़ा दम
सहायक पुलिस आयुक्त विनोद शर्मा ने बताया कि हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। इनमें पांच लोगों ने जयपुर के SMS अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक व्यक्ति को अस्पताल पहुंचने से पहले मृत घोषित किया गया, जबकि एक अन्य की मौत निजी अस्पताल में हुई। मृतकों में समीर, आबिद, नासिर, अब्दुल वाहिद और बिलाल की पहचान हो चुकी है। अन्य दो लोगों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
रिहायशी इलाके में अवैध गोदाम पर उठे सवाल
हादसे के बाद रिहायशी इलाके में पटाखा गोदाम चलाए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने बताया कि मकान का उपयोग पटाखों के भंडारण के लिए किया जा रहा था। मामले की जांच की जा रही है और गोदाम के मालिक तथा संचालन से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कई नेताओं ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। सरकार ने घायलों के बेहतर इलाज और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।