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जमुई में बेकाबू घोड़े का आतंक, रिटायर्ड इंस्पेक्टर समेत आधा दर्जन किए घायल

जमुई जिले में एक बेकाबू घोड़े का आतंक फैल गया है। यहां हिरम्बा गांव में पिछले दो दिनों से एक घोड़े ने सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर समेत के साथ में कई लोगों को घायल कर दिया है।

Jamui horse

प्रतीकात्मक तस्वीर। Photo Credit- Google Gemini

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संजय सिंह, पटना। बिहार के जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के हिरम्बा गांव में पिछले दो दिनों से एक बेकाबू घोड़ा मौत बनकर घूम रहा है। घोड़े ने सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर समेत आधा दर्जन लोगों पर हमला करके उन्हें लहूलुहान कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई है। लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। घायलों में चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए निजी क्लिनिक रेफर कर दिया गया। वन विभाग ने घोड़े को काबू करने से इनकार कर दिया है।

'मॉर्निंग वॉक पर निकले इंस्पेक्टर पर पहला हमला'

ग्रामीणों के अनुसार, सबसे पहले सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर विजय कुमार मिश्रा पर घोड़े ने हमला बोल दिया। काफी देर तक उनके और घोड़े के बीच संघर्ष चलता रहा। घोड़े ने उनके शरीर के कई हिस्सों पर काटकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक इंस्पेक्टर खून से लथपथ हो चुके थे। हमले के दौरान भगवती देवी भी घोड़े की चपेट में आ गईं। बेकाबू घोड़े ने उनके कान पर झपट्टा मार दिया। कान बुरी तरह जख्मी हो गया।

 

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इसके अलावा अभिलाषा चंद्र और रघुनंदन मिश्रा समेत अन्य ग्रामीणों पर भी घोड़े ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायलों में सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर विजय कुमार मिश्रा, रघुनंदन मिश्रा, भगवती देवी, अभिलाषा चंद्र समेत आधा दर्जन लोग शामिल हैं।

 

'देखते ही टूट पड़ता है घोड़ा'

 

ग्रामीणों का कहना है कि घोड़ा किसी का पालतू जानवर है, लेकिन यह किस गांव से भटककर हिरम्बा पहुंचा है। घोड़ा किसका है अभी इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। बताया जा रहा है कि वह आदमी को देखते ही हमला कर देता है। दो दिनों से गांव की गलियों में घूम-घूमकर लोगों को दौड़ा रहा है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा डरे हुए हैं।

'वन विभाग ने झाड़ा पल्ला'

घटना की सूचना स्थानीय थाना पुलिस और वन विभाग को दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की टीम मौके पर तो आई, लेकिन यह कहकर कार्रवाई से इनकार कर दिया कि घोड़ा पालतू जानवर है। उसे पकड़ना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। वन विभाग के इस जवाब से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि घोड़ा असामान्य व्यवहार कर रहा है। लगता है पागल हो चुका है। सामान्य घोड़ा ऐसे हमला नहीं करता। लोगों को डर है कि अगर जल्द नहीं पकड़ा गया तो किसी की जान भी जा सकती है। घोड़े के आतंक से पूरे गांव में भय का माहौल है। लोग अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं।

 

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'रातभर जागकर दे रहे पहरा'

गांव के युवक लाठी-डंडे लेकर रातभर पहरा देने को मजबूर हैं। पता नहीं कब कहां से घोड़ा निकल आए और हमला कर दे। रात में छतों पर चढ़कर निगरानी कर रहे हैं। हिरम्बा गांव के लोग दहशत में जी रहे हैं। खेतों में काम करने जाना भी बंद हो गया है। मवेशियों को भी घर में बांध दिया गया है। 

 

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। घोड़े को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और गांव को सुरक्षित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाया तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। 

'कहां से आया, किसी को पता नहीं'

हैरानी की बात है कि दो दिन से गांव में आतंक मचाने वाले इस घोड़े का मालिक कौन है, यह अब तक पता नहीं चल सका है। आसपास के गांवों में भी पूछताछ की गई, लेकिन कोई इसे अपना बताने को तैयार नहीं है। आशंका है कि मालिक ने पागल होने के डर से इसे छोड़ दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। पशुपालन विभाग की टीम को सूचना दी गई है। घोड़े को बेहोश कर पकड़ने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।

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