जन सुराज पार्टी ने चुनाव आयोग से प्रशासन की शिकायत की है। पार्टी का आरोप है कि आचार संहिता लागू होने के बाद भी पुलिस और प्रशासन सत्ता के इशारे पर विपक्षी कार्यकर्ताओं को डरा-धमका रहे हैं। बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिला और ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में एमएलसी अफाक अहमद, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ, सिद्धनाथ राय और ललन यादव भी शामिल थे।
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आधी रात घरों में दबिश, बिना FIR उठाया जा रहा
प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पटना और दूसरे जिलों में जन सुराज के कार्यकर्ताओं के घर पुलिस बिना किसी कारण पहुंच रही है। आधी रात को दबिश दी जा रही है। इससे कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा रहा है और चुनावी माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने कई उदाहरण गिनाए। भारती के अनुसार पीरबहोर थाने की पुलिस एक कार्यकर्ता के घर आधी रात पहुंची, जबकि वह जन सुराज की सभा से लौट रहा था। 21 जुलाई को अफरोज अहमद और तौसिफ को बिना किसी वजह थाने में बैठाकर रखा गया।
बुद्ध कॉलोनी थाने की पुलिस ने मध्यरात्रि में पार्टी के प्रदेश सचिव रवि नारायण के घर जाकर उन्हें परेशान किया। सिवान में नेता शाहनवाज आलम के घर 7-8 गाड़ियों से पुलिस पहुंची और बेवजह पूछताछ की। भारती ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मांग की कि इन सभी मामलों की जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए सरकार को निर्देश दिया जाए।
बांकीपुर में बीजेपी डरा रही मतदाताओं को
भारती ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यहां आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। एनडीए के 202 विधायक, 45 विधान पार्षद, 33 मंत्री, 30 सांसद के अलावा पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक अपने सुरक्षा दल के साथ बांकीपुर में घूम-घूम कर मतदाताओं को डरा-धमका रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बांकीपुर के व्यवसायियों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रशासन के नाम पर उन्हें आईटी और जीएसटी की रेड की धमकी दी जा रही है ताकि वे जन सुराज का समर्थन न करें।
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हम लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे चुनाव
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जन सुराज लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ रही है लेकिन सत्ता के दबाव में प्रशासन और पुलिस विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। जन सुराज ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करें। साथ ही प्रशासन को तटस्थ होकर काम करने का निर्देश दें। पार्टी ने सबूत भी आयोग को सौंपे हैं। अब देखना होगा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं।