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सबरीमला सोना चोरी केस: हिरासत में लिए गए TDB के पूर्व अध्यक्ष पी एस प्रशांत

केरल के सबरीमला मंदिर से कथित तौर पर सोना गायब होने के मामले में एसआईटी ने टीडीबी पूर्व अध्यक्ष पी. एस. प्रशांत को हिरासत में लिया है। जांच टीम ने 2019 और 2025 में हुई इलेक्ट्रोप्लेटिंग प्रक्रिया से जुड़े मामलों की भी जांच कर रही है।

AI generated image of sabarimala temple

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- ChatGPT

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केरल के प्रसिद्ध सबरीमला मंदिर से कथित तौर पर सोना गायब होने के मामले में जांच तेज हो गई है। इस मामले में त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष पी. एस. प्रशांत को गुरुवार को विशेष जांच दल (SIT) ने हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर के गर्भगृह के दरवाजों की चौखट और द्वारपालक की मूर्तियों से कथित तौर पर सोना गायब होने के मामले की जांच की जा रही है। 

 

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी देवस्वओम बोर्ड के पूर्व सदस्य अजी कुमार और तिरुवाभरणम आयुक्त आर. रेजीलाल से भी पूछताछ कर रही है। वहीं एसआईटी ने केरल हाई कोर्ट को बताया है कि वह साल 2025 में हुई एक और इलेक्ट्रोप्लेटिंग प्रक्रिया की भी जांच कर रही है। उस समय पी. एस. प्रशांत बोर्ड के अध्यक्ष थे। प्रशांत साल 2023 से 2025 तक टीडीबी के अध्यक्ष रहे थे।

 

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घर से हिरासत में लिया गया

सूत्रों के मुताबिक, पी. एस. प्रशांत को तिरुवनंतपुरम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया। वह पहले कांग्रेस से जुड़े थे लेकिन बाद में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल हो गए थे। केरल हाई कोर्ट में दाखिल अपनी हालिया रिपोर्ट में एक आईटी ने कहा है कि सितंबर 2025 में इलेक्ट्रोप्लेटिंग के दौरान कथित तौर पर सोना गायब होने के मामले को द्वारपालक मूर्ति वाले मामले के साथ जोड़कर जांच की जा रही है। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (National Metallurgical Laboratory) से मिली वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। इससे साल 2025 की इलेक्ट्रोप्लेटिंग प्रक्रिया को दौरान कथित तौर पर अपनाए गए तरीकों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिली है।

 

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हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले पी. एस. प्रशांत ने फेसबुक पर एक पोस्ट भी किया। इसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई और आरोप लगाया कि उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीतिक कारणों से प्रेरित है। फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि सोना गायब होने के मामले में किसकी क्या भूमिका रही और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।


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