बिहार की राजनीति में बड़ा सियासी भूचाल आया है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी पूर्व विधायक नीलम देवी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने दोनों की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए उन्हें छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने 24 अक्टूबर को कार्यालय आदेश जारी किया है।
जदयू के इस फैसले के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। अनंत मोकामा से लगातार विधायक रहे हैं और बिहार के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। उनकी पत्नी नीलम देवी भी मोकामा से विधायक रह चुकी हैं। दोनों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
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मोकामा विधायक पर पार्टी लाइन के खिलाफ जाने का आरोप
जदयू की ओर से जारी आदेश में अनंत पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि अनंत लगातार पार्टी के निर्देशों की अवहेलना कर रहे थे। शीर्ष नेतृत्व के प्रति अमर्यादित एवं अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे। पार्टी ने कई बार उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपना रवैया नहीं बदला। सबसे बड़ा आरोप हाल में संपन्न विधान परिषद चुनाव को लेकर है।
पार्टी का आरोप है कि विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में अनंत ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम किया और दूसरे दल के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार किया। यह पार्टी के संविधान के खिलाफ है और घोर अनुशासनहीनता है।
इसी को देखते हुए पार्टी ने अनंत की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर उन्हें छह साल के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया है। साथ ही, भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए बिहार विधानसभा अध्यक्ष से अनुशंसा भी की गई है।
दूसरे के लिए प्रचार करने का आरोप
इसी आदेश में जदयू ने पूर्व विधायक नीलम देवी के खिलाफ भी कार्रवाई की है। पार्टी के अनुसार दल-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के कारण उनकी प्राथमिक सदस्यता रद्द कर उन्हें भी छह वर्ष के लिए निष्कासित किया गया है। नीलम देवी भी लगातार पार्टी लाइन से अलग चल रही थीं और पति अनंत सिंह के साथ मिलकर दूसरे दलों के नेताओं से संपर्क में थीं।
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जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सबसे ऊपर है। कोई भी नेता पार्टी से बड़ा नहीं है। जो भी पार्टी के खिलाफ काम करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अनंत और नीलम ने पार्टी की मर्यादा का उल्लंघन किया है, इसलिए यह फैसला लिया गया है।
अनंत सिंह समर्थकों में नाराजगी
अनंत का जदयू से पुराना नाता रहा है। वे मोकामा से कई बार निर्दलीय और जदयू के टिकट पर विधायक चुने गए हैं। बाहुबली छवि के बावजूद उनका अपने क्षेत्र में जबरदस्त जनाधार है। पिछले कुछ महीनों से उनके और जदयू नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ गई थी। वे कई मौकों पर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठा रहे थे।
राजनीतिक जानकारों का मानना पार्टी द्वारा यह कार्रवाई अनुशासन का संदेश देने के लिए की गई है। जदयू किसी भी कीमत पर पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करना चाहती। वहीं, इस कार्रवाई के बाद अनंत खेमे में भी हलचल है। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि अनंत जल्द ही अपनी आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे। वे निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं या किसी दूसरी पार्टी में जा सकते हैं। मोकामा में उनके समर्थकों में इस फैसले को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है।