संजय सिंह, पटना। बिहार में वर्दी की आड़ में अवैध वसूली का एक और मामला सामने आया है। जहानाबाद में उत्पाद विभाग के अधिकारियों पर चेकिंग के नाम पर राहगीर से मारपीट और 2.10 लाख रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगा है। डीएम की जांच में मामला सही पाए जाने के बाद हुलासगंज थाने में इंस्पेक्टर समेत चार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
यह मामला 9 मार्च का है। नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के मनीचक गांव निवासी अम्पु कुमार ने हुलासगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का आरोप है कि सुबह वह चुहड़मल चौक के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने वाहन जांच के नाम पर उनकी गाड़ी रोक ली।
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60 हजार रुपये भी जबरन ले लिए
शिकायत में कहा गया है कि अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की। साथ ही उनका मोबाइल फोन और वाहन की चाबी भी छीन ली। आरोप है कि उनके सहयोगी के पास रखे 60 हजार रुपये भी जबरन ले लिए गए।
जेल भेजने की धमकी देकर वसूले 2.10 लाख
धिकारियों ने उन्हें शराब के झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। इस मामले से बचाने के नाम पर उनसे कुल 2 लाख 10 हजार रुपये वसूल लिए गए। शिकायत में उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, सब-इंस्पेक्टर रंजीता सिंह, एएसआई संतोष कुमार और नरदीप सिंह को आरोपी बनाया गया है।
पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद जहानाबाद के जिलाधिकारी छिरिड वाई भूटिया ने मामले की जांच के लिए एडीएम के नेतृत्व में एक टीम गठित की। जांच टीम ने पूरे मामले की पड़ताल की। जांच रिपोर्ट में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद डीएम के आदेश पर चारों अधिकारियों के खिलाफ हुलासगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
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इंस्पेक्टर ने कहा, आरोप बुनियाद
उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता कथित रूप से शराब तस्करी से जुड़ा है। विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए वह झूठे आरोप लगा रहा है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद उत्पाद विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। आम लोगों का कहना है कि चेकिंग के नाम पर अक्सर अवैध वसूली की जाती है।