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'युवाओं की मांगों पर होगा फैसला', JPSC विवाद पर CM हेमंत सोरेन ने तोड़ी चुप्पी

झारखंड के रांची में JPSC भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर छात्र और अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। इन विरोध प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

Hemant Soren Breaks Silence on JPSC student protest Row

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, Photo Credit: HemantSorenJMM/X

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झारखंड के रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर छात्र और अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलन कर रहे युवाओं की हर मांग और शिकायत को गंभीरता से सुन रही है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कारई जा रही है और जांच पूरी होने के बाद जो सही होगा वही फैसला लिया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब हजारों अभ्यार्थी 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी युवाओं की मांग है कि JPSC और अन्य भार्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त होई कोर्च न्यायाधीशों की स्वतंत्र समिति या फिर CBI से कराई जाए। उनका आरोप है कि राज्य सरकार मामले को दबानेकी कोशिश कर रही है।

 

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CM हेमंत सोरेन का पूरा बयान

रांची में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, 'उनकी मांगों और सवालों के समाधान से जुड़े फैसले पूरी गंभीरता और बारीकी से जांच के बाद उचित समय पर घोषित किए जाएंगे। मुझे विश्वास है कि प्रदर्शनकारी इससे आश्वस्त होंगे।' सोरेन ने जांच का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच एजेंसियां कथित अनियमितताओं के हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। उन्होंने कहा, 'जिस तरह जांच टीम सक्रिय है, जहां भी किसी तरह की गलती हुई है या हो रही है, उन सभी चीजों की गहन जांच की जा रही है और सब कुछ सामने आने के बाद सरकार के फैसले भी निश्चित रूप से सामने आएंगे।'

प्रदर्शनकारियों का आरोप

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की अगुवाई वाली राज्य सरकार इस मामले की जांच CID को देकर इसे दबाने की कोशिश कर रही है। इससे पहले भी प्रदर्शनकारियों ने दावा किया था कि भार्ती घोटाले में बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है। इसी वजह से वे मामले की जांच CBI और ED से कराने की मांग कर रहे हैं।

 

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अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार

भार्ती घोटाले की जांच कर रही CID  अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान पूर्व JPSC अध्यक्ष एल खियांगते से चार बार पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा रांजी, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद समेत 18 जगहों पर छापेमारी की गई है। बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच JPSC ने 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को भी स्थगित कर दिया था। अब पूरे मामले पर सरकार के अगले कदम और जांच के नतीजों पर अभ्यर्थियों की नजर टिकी हुई है।


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