झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी रहा। प्रदेश सरकार ने बातचीत की पहल की है। हालांकि यह भी स्पष्ट कर दिया कि वार्ता सिर्फ छात्रों से होगी। सरकार की तरफ से पांच छात्रों के नाम मांगे गए थे। जवाब में छात्रों ने एसडीओ को 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नाम भेजा। इसमें आठ छात्र, दो पत्रकार और एक वकील शामिल है। लेकिन सरकार सिर्फ छात्रों से वार्ता करने पर अड़ी है। गुरुवार को छात्र दिनभर इंतजार में बैठे रहे, लेकिन सरकार की तरफ से बातचीत करने कोई नहीं पहुंचा।
रात करीब 11 बजे सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम (कानून-व्यवस्था) धनंजय कुमार छात्रों के बीच पहुंचे। एसीडीओ ने बताया कि छात्रों की सूची अधूरी है। जवाब में छात्रों ने कहा कि यह हमारी फाइनल सूची है। एसडीओ कुमार रजत ने कहा, 'हम अपने छोटे भाइयों से बातचीत करने और उनका हालचाल जानने आए थे।' छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बताया कि एसडीओ ने आश्वासन दिया कि सरकार हमसे बातचीत करेगी, लेकिन उन्होंने कोई समय नहीं बताया। उधर, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र राहुल की तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों की सलाह के बाद राहुल को अस्पताल ले जाया जा रहा है।
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बड़े सुधारों की दिशा में आगे बढ़ेंगे: सीएम
छात्रों के साथ जारी गतिरोध के बीच मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन
ने 24 घंटे में अपना दूसरा बयान जारी किया और कहा कि हमने छात्रों को अपनी बात रखने के लिए पहले ही सभी जरूरी मंच उपलब्ध करा दिए हैं। सरकार हर छात्र की समस्याओं को समझना चाहती है। अब हम छात्रों की उम्मीदों और विचारों को जयपाल सिंह स्टेडियम से बाहर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि पूरे राज्य के छात्र इस मामले पर अपनी राय रख सकें। वे अपने विचार बता सकते हैं, और हम छात्रों की जरूरतों के हिसाब से उनकी चिंताओं और उम्मीदों को पूरा करने के मकसद से बड़े सुधारों की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन?
- रविंद्र कुमार रवि
- नीतू कुजूर
- पीयूष कुमार सिंह
- रविंद्र पासवान
- राजेश प्रसाद
- शालू सिंह
- संदीप कुमार
- कार्तिक सोरेन
- शंभूनाथ चौधरी (पत्रकार)
- विकास वर्मा (पत्रकार)
- अजीत कुमार (वकील)
नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने विधानसभा मार्च निकाला। बीच में किसी ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंक दिया। मार्च के बीच में ही हंगामा होने लगा। छात्र संगठनों के विधानसभा मार्च की वजह से विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में छह से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। सुबह छह से रात 10 बजे तक यह आदेश लागू रहेगा।
परीक्षा कराने वाली कंपनी की जांच होनी चाहिए
विधायक जयराम महतो ने कहा कि यह मांग जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा के संबंध में है। इस मामले में आरोपी व्यक्ति ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल की थी और उसके परिवार के कई सदस्यों ने भी यह परीक्षा पास की थी। इसलिए जिन परीक्षाओं में वह शामिल हुआ था और परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी की भी जांच होनी चाहिए।
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25 जुलाई से जारी आंदोलन
रांची के जसपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले 25 जुलाई से छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्र 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और परीक्षा में हुई धांधली की जांच सीबीआई या झारखंड के बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के जजों की एक समिति से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। छात्र यह भी चाहते हैं कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में व्यापक स्तर पर सुधार किया जाए।