झारखंड के देवघर में आयोजित राजकीय श्रावणी मेला को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। खुफिया इनपुट में ऑनलाइन गतिविधियों और धमकी भरे संदेशों का जिक्र किया गया है। इसके बाद झारखंड पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम समेत राज्य के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने अल-कायदा से जुड़े नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और खालिस्तानी समर्थक संगठनों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध प्रचार, अफवाह और भड़काऊ संदेशों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। साइबर सेल को 24 घंटे एक्टिव रहने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह के गलत प्रचार को समय रहते रोका जा सके।
एजेंसियों ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात करने, चेकिंग बढ़ाने और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने को कहा है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल और धर्मशालाओं में भी जांच तेज कर दी गई है।
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पानी और खाने की भी होगी कड़ी जांच
सुरक्षा एजेंसियों ने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध पेयजल और खाद्य सामग्री की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया है। इनपुट में जहर या मिलावट की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क किया गया है। अस्थायी शिविरों, भोजनालयों, पेयजल केंद्रों और खाद्य दुकानों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर जाकर खाने-पीने की चीजों के सैंपल लेगी। पानी की टंकियों और पाइप लाइन की भी जांच होगी। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई के आदेश हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है और कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा। संदिग्ध वस्तु मिलने पर बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड को तुरंत बुलाने के निर्देश हैं।
दुमका प्रशासन ने भी जारी किया अलर्ट
विशेष शाखा के निर्देश के बाद दुमका जिला प्रशासन ने भी कमर कस ली है। उपायुक्त कार्यालय की गोपनीय शाखा की ओर से पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, बीडीओ और अंचल अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया है। दुमका से होकर गुजरने वाले कांवरिया पथ पर भी गश्त बढ़ा दी गई है। रास्ते में पड़ने वाले शिविरों, मेडिकल कैंप और भोजनालयों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कोई संदिग्ध चीज दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की है। पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में भी चेकिंग तेज कर दी है। बाहर से आने वाली गाड़ियों और लोगों की पहचान की जा रही है।
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राजकीय श्रावणी मेले में हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकास व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने साफ कहा है कि श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मेला क्षेत्र में मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनर और वॉकी-टॉकी की संख्या बढ़ाई गई है। महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने सामान पर नजर रखें और अफवाहों से बचें। सुरक्षा में सहयोग करें। अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि मेला शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।