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'बहनों को दुपट्टा पकड़कर घसीटा गया', झारखंड में प्रदर्शनकारियों ने क्या बताया?

झारखंड सरकार 26 दिनों तक चले आंदोलन के बाद जिन मुद्दों पर सहमत हुई थी, उस पर हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है उन्हें धोखा मिला है।

Jharkhand Student Protest PTI

झारखंड छात्र आंदोलन। Photo Credit: PTI

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झारखंड की राजधानी रांची में सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन किया है। छात्र अल्बर्ट एक्का चौक के पास हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का पुतला जलाने वाले थे, उन्हें बुरी तरह पीटा गया है। अल्बर्ट चौक पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे लेकिन उनसे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के गमछे में दिखने वाले लोगों ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा है।

छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि उनका पुतला जलाने का कार्यक्रम पहले से तय था। वे वहां पहुंचे, लेकिन झारखंड सरकार ने पुलिस की आड़ में हर जिले में गुंडे भेज दिए। उन्होंने कहा कि हर जिले में लाठीचार्ज हो रहा था और यहां भी पुलिस ने बल प्रयोग किया। 

यह भी पढ़ें: JPSC परीक्षा रद्द करने पर लगी रोक, हाई कोर्ट से हेमंत सरकार को झटका

रवींद्र पासवान, छात्र नेता:-
हमारा पुतला जलाने का कार्यक्रम पहले से तय था। हम वहां गए, लेकिन 'झारखंड सरकार' ने पुलिस की आड़ में, हर जिले में गुंडे भेजे और हम इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। हर जिले में लाठीचार्ज किया गया और यहां भी पुलिस ने बल प्रयोग किया। लाठियां चलाई गईं। हमारी दो महिला साथियों के साथ मारपीट की गई।


'बहनों को दुपट्टा खींचकर मारा गया'

रविंद्र पासवान ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर खूब लाठियां चलीं और उनकी दो महिला साथियों के साथ मारपीट की गई है। प्रदर्शन कर रहे एक और छात्र नेता पीयूष कुमार ने आरोप लगाया कि बहनों को दुपट्टे से घसीटा गया, कपड़े फाड़ने की कोशिश की गई और उन्हें पीटा गया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रशासन की आड़ में गुंडे भेज रही है। छात्र इसका जवाब देंगे।

पीयूष कुमार, छात्र नेता:-
हमारी बहनों को उनके दुपट्टे से घसीटा गया; उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की गई और उन्हें पीटा गया। सरकार प्रशासन की आड़ में गुंडे भेज रही है।

 

 

रांची में अचानक कैसे भड़की हिंसा?

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) रिफॉर्म्स मंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र अल्बर्ट चौक पर जमा हुए थे। वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने आए थे। छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार ने पारदर्शिता और कथित धांधली के मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। 

पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारी निर्धारित मार्ग छोड़कर JPSC ऑफिस की तरफ बढ़ गए, इससे ट्रैफिक जाम हो गया। लालपुर थाने के अधिकारी रूपेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने कई बार निर्धारित रास्ते पर चलने की अपील की, लेकिन छात्रों ने नहीं माना। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

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छात्रों के आरोप क्या हैं?

छात्र नेताओं का कहना है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकने की कोशिश की। मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने से कोई नहीं रोक सकता। एक अन्य नेता पीयूष कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि मंच के कोर कमेटी सदस्य कुणाल को हिरासत में लिया गया। वह बेहोश हो गए और उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने महिला प्रदर्शनकारियों पर हमला किया।   

जब बातें मान गई सरकार फिर प्रदर्शन क्यों?

झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और 11वीं व 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं से जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार को 15 दिन में जवाब देने को कहा है। इससे पहले 26 दिन चले छात्र आंदोलन को सरकार के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया था। सरकार ने 22 परीक्षाएं रद्द करने और 23 अन्य की जांच का वादा किया था। अब छात्रों ने कहा है कि अगर सरकार 15 सितंबर को हाईकोर्ट में अपना पक्ष ठीक से नहीं रख पाई तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। 

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