झारखंड में लंबे समय से चल रहे धरना प्रदर्शन को खत्म करने का एलान कुछ छात्रों ने कर दिया। सोमवार को मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन
ने एलान किया कि TDPL ने झारखंड SSC की जो परीक्षाएं कराई हैं, उन्हें रद्द किया जा रहा है। इस एलान का प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्वागत किया। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो समेत कई छात्रों ने अपना अनशन खत्म कर दिया। इसके इतर JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने धरना खत्म करने से इनकार करते हुए मांग रखी है कि सीबीआई जांच का भी आदेश दिया जाए। दूसरी तरफ, इन भर्तियों के जरिए नौकरी पाने वाले और परीक्षा पास कर चुके छात्रों ने अब रांची के प्रोजेक्ट भवन में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार के इस एलान से तो वे सड़क पर आ गए हैं।
रांची के जयपाल मुंडा में चल रहा प्रदर्शन अब दो धड़ों में बंटा नजर आ रहा है। JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच का साफ कहना है कि वे परीक्षाएं रद्द करने के फैसले का स्वागत करते हैं लेकिन वे इसकी जांच सीबीआई से कराने की भी मांग लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मंत्रियों इरफान अंसारी और दीपिका पांडे से मुलाकात के बावजूद यह मंच अपना प्रदर्शन खत्म करने को राजी नहीं है। दूसरी तरफ, तमाम प्रदर्शनकारी अनशन खत्म कर चुके हैं और हेमंत सोरेन की सरकार इस आंदोलन में छात्रों की बात मानने के लिए अपनी पीठ थपथपाने में जुट गई है।
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परीक्षा पास करने वाले छात्र क्या बोले?
प्रोजेक्ट भवन पर प्रदर्शन करने पहुंचे एक छात्र ने कहा, 'सरकार के फैसले के बाद मैं सड़क पर आ गया हूं। मैं अपनी मां और पापा से कहूंगा कि कृपया वे धैर्य रखेंगे और हम फिर से जीतेंगे। हम सरकार से कहेंगे कि अपने इस कठोर निर्णय को वापस लें। सरकार के इस निर्णय से माननीय न्यायालय की अवहेलना हुई है। हम अपने अधिकार के लिए फिर से कोर्ट जाएंगे।'
एक और छात्र ने रोते हुए कहा, 'आप जांच कीजिए, जो गलत मिले उसके खिलाफ कार्रवाई कीजिए। कुछ लोगों के साथ कीजिए, हम लोगों के साथ अन्याय मत कीजिए। हम जांच कराने को तैयार हैं। सब कागज लेकर आए हैं। सीबीआई जांच कराइए, जो जांच कराना है कराइए लेकिन हमारे साथ अन्याय मत कीजिए। हम मर जाएंगे।'
हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के आधार पर नौकरी पाने वाले इन छात्रों में से एक ने कहा, 'पहले जांच हुई और फिर हाई कोर्ट के फैसले और सुप्रीम कोर्ट के ठप्पे के बाद हमारी नौकरी मिली। हम लोग सीएम साहब से नाराज है। साहब आप इस पर फिर से विचार कीजिए। कितने ऐसे छात्र हैं जो कहीं से इस्तीफा देकर आए हैं। हम कोर्ट के आदेश के बाद ही यहां तक आए हैं, फिर से न्यायालय जाएंगे।'
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प्रोजेक्ट भवन पर जुटे इन छात्रों ने कहा, 'आपकी ही CID ने जांच करके कहा था कि पेपर लीक नहीं हुआ है। इसका मतलब बड़े-बड़े लोग मिले हुए थे क्या? अगर आप मानते हैं कि हम गुनहगार थे तो आप कोर्ट में एफिडेविट दायर करके बता दीजिए कि हमने क्या गुनाह किया है। आप मौखिक तौर पर हमें नौकरी से बाहर नहीं कर सकते हैं। सिर्फ आंदोलन के दबाव में हमें नौकरी से कोई बाहर नहीं कर सकता है। कोर्ट के आदेश के बाद हमारी नौकरी हुई है। आप अपना जवाब कोर्ट में सबमिट कर दीजिए हम कोर्ट से समझ लेंगे लेकिन आप इस तरह से हमें बाहर नहीं कर सकते हैं।'
आगे भी जारी रहेगा धरना प्रदर्शन?
JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा है, 'यह साहसिक फैसला लेने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद और बहुत-बहुत जोहार। माननीय मुख्यमंत्री जी आपने बहुत साहसिक कदम उठाए हैं। हमारी बस एक और मांग है कि जितनी भी परीक्षाएं कराई गई हैं और जो रद्द हुई हैं, आप उन सभी में सीबीआई जांच करवा दीजिए। यह यकीन मानिए कि अगर आप सीबीआई जांच कराएंगे तो झारखंड एक नई दिशा की ओर जाएगा।'
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उन्होंने आगे कहा, 'माननीय मंत्री दीपिका पांडे और इरफान अंसारी आए थे और उन्होंने अपील की कि हम अपने अनशन को खत्म कर दें। हमारी सीबीआई जांच की मांग अभी भी जारी है। सरकार ने जो आश्वासन दिया है उसके लिखित नोटिफिकेशन को हम पढ़ेंगे फिर आगे का फैसला करेंगे।' रवींद्र पासवान ने छात्रों से भी अपील की है कि सीबीआई की जांच तक यहीं डटे रहें।