भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय संगठनात्मक टीम का ऐलान कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में बनाई गई इस टीम में कई पुराने नेताओं की जिम्मेदारियां बरकरार रखी गई हैं, वहीं कुछ नेताओं की संगठन में दोबारा वापसी हुई है। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाए जाने को लेकर है।
पीयूष गोयल फिलहाल प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
की सरकार में वाणिज्य और उद्योग मंत्री हैं। संगठन में अहम पद मिलने के बाद उनके कैबिनेट से हटने की अटकलें शुरू हो गई हैं। इसकी वजह BJP का 'एक व्यक्ति, एक पद' का सिद्धांत है। हालांकि, पार्टी ने अभी ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि गोयल मंत्री पद छोड़ने वाले हैं।
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क्या है BJP का 'एक व्यक्ति, एक पद फॉर्मूला?
BJP में आमतौर पर कोशिश की जाती है कि कोई नेता एक साथ पार्टी संगठन और सरकार में दो बड़ी जिम्मेदारियां न संभाले। इसका मकसद संगठन और सरकार के कामकाज पर अलग-अलग फोकस बनाए रखना है। इसी वजह से गोयल की नई जिम्मेदारी को कैबिनेट फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, यह नियम कोई सख्त कानूनी प्रावधान नहीं है और पार्टी जरूरत के मुताबिक इसमें बदलाव करती रही है।
BJP में 'एक व्यक्ति, एक पद' का नियम ऐसा नहीं है कि हर हाल में इसे लागू ही करना हो। इसका बड़ा उदाहरण पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं। जून 2024 में स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद भी वह जनवरी 2026 तक पार्टी अध्यक्ष बने रहे। ऐसे में यह जरूरी नहीं है कि पीयूष गोयल को मंत्री पद छोड़ना ही पड़े। पार्टी चाहे तो उनके लंबे सांगठनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें दोनों जिम्मेदारियां एक साथ भी दे सकती है।
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नई टीम में कई पुराने चेहरों की वापसी
नितिन नवीन की नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री
स्मृति ईरानी
को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। वहीं, राम माधव की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर वापसी हुई है। तीरथ सिंह रावत, डी. पुरंदेश्वरी, भारती पवार और मनप्रीत सिंह बादल समेत कई नेताओं को भी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। विनोद तावड़े और सुनील बंसल राष्ट्रीय महासचिव बने हुए हैं, जबकि बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।