झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दो सप्ताह से अधिक समय से जारी प्रदर्शन को खत्म करवाने की झारखंड सरकार की कोशिशें नाकाम रही। सरकार से छात्रों की वार्ता हुई लेकिन वार्ता के बाद एक तरफ सरकार ने दावा किया कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। वहीं, छात्रों का कहना है कि सरकार झूठ बोल रही है। ऐसे में छात्र आज यानी 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी कर रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है और पूरे शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।
सरकार के साथ छात्रों की दूसरे राउंड की बातचीत भी फेल हो गई है। दूसरे राउंड की बातचीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छात्र नेता ने कहा कि सरकार के साथ हमारी दूसरे राउंड की बातचीत भी बेनतीजा रही है। उन्होंने कहा, 'झारखंड सरकार की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए
CBI
जांच जरूरी है।'
यह भी पढ़ें: 'RJD के दिन लदे! तेजस्वी का बिहार में मन नहीं', शाहनवाज हुसैन का तंज
सिर्फ 3 मांगें मानी!
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छात्र नेता ने बताया कि सरकार यह नैरेटिव चला रही है कि हमारी 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि हमारी 13 मांगों में से सरकार ने सिर्फ 3 मांगें ही मानी हैं। झारखंड सरकार CID जांच पर अड़ी हुई है, जबकि छात्र नेता का आरोप है कि CID पहले भी मामलों को दबाने के लिए जानी जाती है।
छात्र ने बताया कि उन्होंने तीन कैटेगरी में अपनी मांगों को रखा था जिसमें रद्द, रिफॉर्म और जांच शामिल है। इन में से सरकार ने रिफॉर्म से जुड़ी सारी मांगें मान ली हैं लेकिन परीक्षाओं को रद्द करने की अभी भी पेडिंग है। टीडीपीएल एजेंसी की परीक्षाओं को रद्द करवाने की मांग को सरकार ने नहीं मानी है।
विधानसभा घेराव की तैयारी
छात्रों ने सरकार से बातचीत के बाद भी सोमवार को विधानसभा घेराव के लिए छात्रों से रांची में पहुंचने की अपील की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि सीबीआई जांच करवाना और परीक्षाओं को रद्द करवाने की मांग माननी पड़ेगी। विधानसभा घेराव को लेकर छात्रों ने अपील की कि शांतिपू्र्ण तरीके से प्रदर्श किया जाए और अगर कोई असामाजिक तत्व प्रदर्शन में शामिल हो तो उसे पुलिस के हवाले करें।
बीजेपी ने पुलिस पर लगाए आरोप
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू को नजरबंद कर दिया गया है। बीजेपी के प्रदेश महासचिव बाउरी ने कहा कि साहू के आवास के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती करके सरकार सफलता हासिल नहीं कर पाएगी। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य विधानसभा के पास प्रस्तावित धरने-प्रदर्शन को देखते हुए सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा, 'छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।'
पुलिस ने छात्रों से अपील की
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में शामिल हों, क्योंकि पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से जारी उनके प्रदर्शन में उन्होंने अनुशासन बनाए रखा है। एडीजी ने कहा, 'यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि असामाजिक तत्वों और उपद्रव करने वालों को मार्च में शामिल होने से रोका जाए।' रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, 'हम नहीं चाहते कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण किसी छात्र के करियर पर दाग लगे। शहर के प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ अवरोधक लगाए गए हैं।'
यह भी पढ़ें: बलिया के सरकारी स्कूलों में यूट्यूबर्स की नो-एंट्री, क्यों जारी हुआ सख्त आदेश?
छात्रों को हिंसा से बचने की सलाह
एसएसपी ने बताया कि विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में छह अगस्त से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा पहले ही लागू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि यह आदेश इन दिनों सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, रांची में प्रस्तावित मार्च को देखते हुए रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी ऐसी ही निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। रांची जिला प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से किसी भी तरह के उग्र प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील की है। प्रशासन ने विधानसभा मार्च के दौरान हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों से राजधानी रांची आ रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है। जेपीएसी में बदलाव की मांगों को लेकर जारी प्रदर्शन आज 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है और कुछ छात्र अभी भी भूख हड़ताप पर बैठे हैं।