logo

ट्रेंडिंग:

बक्सर को बड़ी सौगात: 1700 करोड़ का निवेश, जेके सीमेंट और कोका कोला प्लांट शुरू

बिहार के बक्सर में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखी गई है। यहां 1700 करोड़ रुपये की लागत से दो प्लांट का शुभारंभ किया गया। 500 करोड़ रुपये से जेके सीमेंट और 1200 करोड़ में कोका कोला प्लांट बनकर तैयार हो गया है।

Buxar Coca Cola Plant

बक्सर में बनकर तैयार हुआ कोका कोला प्लांट। ( Photo Credit: X/@samrat4bjp)

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

संजय सिंह, पटना। बिहार के बक्सर जिले में 1,700 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित दो बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं का शुभारंभ हो गया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ब्रह्मपुर औद्योगिक क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक जेके सीमेंट यूनिट का लोकार्पण किया। करीब 100 एकड़ में फैली यह इकाई 3 मिलियन टन सीमेंट का प्रति वर्ष उत्पादन करेगी। इससे बिहार और आसपास के राज्यों में उच्च गुणवत्ता वाले सीमेंट की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित होगी। 

 

अब तक कंपनी को प्रयागराज स्थित संयंत्र से सीमेंट मंगवाना पड़ता था, लेकिन स्थानीय उत्पादन शुरू होने से समय और परिवहन लागत दोनों में कमी आएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह संयंत्र राज्य की बढ़ती आधारभूत संरचना आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगा और निर्माण क्षेत्र को नई गति देगा।

 

यह भी पढ़ें: प्रेमिका के घर के बाहर प्रेमी की हत्या, फोन करके बुलाया, पीट-पीटकर मार डाला

नवानगर में कोका-कोला बॉटलिंग प्लांट

नवानगर में 1,200 करोड़ रुपये की लागत से 65 एकड़ में स्थापित कोका-कोला बॉटलिंग प्लांट का भी भव्य उद्घाटन किया गया। इस इकाई का निर्माण कोका-कोला की फ्रेंचाइजी मेसर्स एसएलएमजी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड ने किया है। यह प्लांट प्रतिदिन 3.24 लाख केस (सीएस) उत्पादन क्षमता वाला है। 

एक करोड़ रोजगार के लक्ष्य की तरफ कदम

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत बड़े निवेश को आकर्षित कर रही है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित करना है। उन्होंने बताया कि इन दोनों परियोजनाओं से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक क्षेत्रों में अप्रत्यक्ष रूप से भी बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

 

यह भी पढ़ें: अफवाह बनी आफत, भीड़ ने विक्षिप्त महिला को पीटा, पुलिस ने कैसे बचाया?

पर्यावरण संरक्षण पर फोकस

दोनों औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरणीय संतुलन को प्राथमिकता दी गई है। अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र की व्यवस्था की गई है और पीईटी रीसाइक्लिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। परिसर का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है।

 

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि उद्योग और सरकार मिलकर बिहार को औद्योगिक रूप से सशक्त बना सकते हैं। बक्सर में स्थापित ये अत्याधुनिक संयंत्र न केवल राज्य की अवसंरचना जरूरतों को पूरा करेंगे, बल्कि औद्योगिक मानचित्र पर बिहार को नई पहचान भी देंगे। बक्सर की धरती पर उद्योगों की यह नई शुरुआत राज्य के आर्थिक भविष्य की मजबूत नींव साबित हो सकती है।


और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap