झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार पेज होता जा रहा है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), JSSC CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में पेपल लीक और गड़बड़ियों के विरोध में छात्र अनशन पर बैठे हैं। अब अनशन पर बैठे छात्रों में से एक छात्र ने मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन
से इस्तीफे की मांग कर दी है। उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है और अब तक मुख्यमंत्री ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर छात्रों का हाल तक नहीं जाना।
अनशन पर बैठे एक छात्र ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बेंगलुरु से लौटने के बाद भी इस मुद्दे पर सक्रिय नहीं हुए। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार की उदासीनता के कारण अब उनका भरोसा टूटता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच कराना चाहती है तो
CBI
जांच के आदेश देने में उसे कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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बिगड़ रही छात्रों की तबीयत
अनशन पर बैठे छात्रों का कहना है कि लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत बिगड़ रही है। एक छात्र ने बताया कि कमजोरी इतनी बढ़ गई है कि खड़े होने पर चक्कर आने लगते हैं और बोलने में भी परेशानी हो रही है। इस बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने इसे अफवाह बताते हुए कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता
सोनम वांगचुक
के आग्रह पर उन्होंने केवल पानी पिया था लेकिन उनका अनशन अभी भी जारी है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शनकारी राधे कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से बातचीत की पहल हुई थी लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। ऐसे में छात्रों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है। वहीं, छात्र नेता राहुल क्रांति ने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन सरकार का रवैया अब भी सकारात्मक नहीं दिख रहा है।
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राहुल क्रांति ने ANI से बातचीत में यह बात कहा, 'पहले हमारी मांग थी कि सरकार का प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पर आकर हमसे बात करे। इस मामले में सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसलिए अब हमने फैसला किया है कि बातचीत के लिए हम अपना प्रतिनिधिमंडल भेजेंगे।'
सरकार ने जांच का दिया भरोसा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को पहली बार इस पूरे मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों का सरकार पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ देख रही है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद संविधान और कानून के दायरे में रहकर उचित फैसला लिया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक उनका अनशन और आंदोलन जारी रहेगा।