संजय सिंह, पटना: बिहार के समस्तीपुर के एक न्यायिक पदाधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने तलाक का मुकदमा लड़ रही अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए दो लाख की सुपारी दे दी। पत्नी वंदना का इलाज भागलपुर स्थित जवाहरलाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जा रहा है। न्यायिक पदाधिकारी की गिरफ़्तारी अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने इस मामले में देवर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ के बाद न्यायिक पदाधिकारी को भी दोषी मानते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई है। गोड्डा के एसपी के अनुसार, पहले जज से पूछताछ की जाएगी। जज बिहार के समस्तीपुर जिले में कार्यरत हैं।
न्यायिक पदाधिकारी संतोष कुमार साह और उनकी पत्नी वंदना के बीच झारखंड के गोड्डा की कोर्ट में तलाक का मुकदमा चल रहा है। आरोपी संतोष कुमार साह भागलपुर जिले के कहलगांव के रहने वाले हैं। वंदना कोर्ट से जुड़े काम निपटाकर अपने भाई के साथ मोटरसाइकिल से लौट रही थीं। पथरगांवा थाना क्षेत्र के गांधी ग्राम चौक के पास पहले से मौजूद अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। दो गोली महिला पर चली और वह घटना स्थल पर ही गिर पड़ीं। आसपास के लोगों ने उन्हें उठाकर गोड्डा अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने उनकी हालत गंभीर देख उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर स्थित मेडिकल कालेज अस्पताल भेज दिया। घटना को अंजाम को देने वाले अपराधियों ने अपने चेहरे पर नकाब लगा रखे थे। घटना को अंजाम देने के बाद ये अपराधी भागने में सफल रहे।
यह भी पढ़ें: पति को बेदर्दी से मारा, रातभर लाश के पास पोर्न वीडियो देखती रही पत्नी
पहले कोचिंग पढ़ाते थे संतोष
पत्नी वंदना बताती हैं कि उनकी शादी 2019 में हुई थी। तब उनके पति संतोष भागलपुर के कोचिंग संस्थान में बच्चों को पढ़ाते थे। उस समय उनका वैवाहिक जीवन बेहतर तरीके से चल रहा था। बाद में पति संतोष ने न्यायिक प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता पाई और वह न्यायिक पदाधिकारी बन गए। अब वंदना का कहना है, 'कुछ दिन तक सब कुछ सामान्य तरीके से चलता रहा। धीरे-धीरे पति का व्यवहार बदलने लगा। दहेज़ के लिए मोटी रकम की मांग की जाने लगी।'
वंदना का कहना है कि उनके पति उन्हें अपने साथ रखने के लिए राजी भी नहीं थे। प्रताड़ना इतनी बढ़ गई कि उनका जीना दुश्वार हो गया। परिणामस्वरूप वह अपने मायके में आकर रहने लगी। वह आगे कहती हैं, 'मैंने गोड्डा कोर्ट में तलाक और मेंटेनेंस के लिए मुकदमा दायर कर दिया। केस का फैसला जल्द ही आने वाला है। केस का निर्णय आने से पहले इन लोगों ने मेरी हत्या की साजिश की।'
यह भी पढ़ें: नोएडा: चार दिन बाद बाहर निकाली कार, इंजीनियर मौत मामले में नया अपडेट क्या है?
SIT ने तीन को पकड़ा
घटना के बाद गोड्डा के एसपी ने डीएसपी अशोक रविदास के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने भौतिक, तकनीकी और प्रस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर भागलपुर के कहलगांव से श्याम साह, सुबोध साह और मुहम्मद आरिफ को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान तीनों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने देशी कट्टा, मास्क, मोटरसाइकल, हेटमेट आदि भी बरामद किया है। पकड़े गए अपराधियों ने पुलिस के समक्ष यह भी स्वीकार किया है कि जज संतोष साह ने ही पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए सुपारी दी थी। एसपी का कहना है कि अब इस मामले में जज से भी पूछताछ होगी, कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा।
पुलिस ने बताया है कि इसमें एक आरोपी सुबोध कुमार साह, जज संतोष कुमार साह का भाई है। पुलिस के मुताबिक, सुबोध कुमार ने बताया है कि सारी प्लानिंग उसके भाई यानी कि जज संतोष कुमार साह ने ही की थी।